चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस गुट नेता फिर बदला; वडेट्टीवार गुट का धानोरकर गुट को झटका!
चंद्रपुर: महानगर पालिका में कांग्रेस पार्टी के गुट नेता पद को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहे राजनीतिक विवाद पर फिर एक नया मोड आया है। विभागीय आयुक्त एवं प्रादेशिक संचालक द्वारा 5 नवंबर 2026 को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, नगरसेवक राजेश मुरली अडूर को एक बार फिर कांग्रेस के गुट नेता पद पर अधिकृत रूप से मान्यता दी गई है। वहीं, इससे पहले गुटनेता के रूप में दर्ज सुरेंद्र विठ्ठलराव अडबाले का नाम रद्द कर दिया गया है। इस फैसले से चंद्रपुर के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
चंद्रपुर महानगरपालिका के 15 जनवरी 2026 को हुए आम चुनाव में कांग्रेस के 27 नगरसेवक निर्वाचित हुए थे। 6 फरवरी 2026 को सर्वसम्मति से राजेश अडूर को गुट नेता चुना गया था। हालांकि, कुछ ही महीनों बाद 16 जून 2026 को 16 नगरसेवकों ने एकजुट होकर सुरेंद्र अडबाले के नाम का प्रस्ताव प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया। इसके बाद 21 जुलाई 2026 को प्रशासन ने अडबाले के नाम को गुटनेता के रूप में दर्ज कर लिया। इस फैसले को चुनौती देते हुए राजेश अडूर और उनके 10 समर्थक नगरसेवकों ने मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर की थी।
15 नगरसेवकों के बहुमत से अडूर की वापसी
न्यायालय में विचाराधीन इस मामले के बीच राजेश अडूर ने 29 सितंबर 2026 को अपने 15 समर्थक नगरसेवकों के साथ गुटनेता बदलने और उपविधि में संशोधन का नया प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विभागीय आयुक्त के समक्ष हुई प्रत्यक्ष सुनवाई में 27 में से 15 नगरसेवकों ने अडूर के पक्ष में समर्थन जताया और अपने हस्ताक्षरों की पुष्टि की। वहीं, उच्च न्यायालय ने 30 अक्टूबर 2026 को इस मामले में जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 15 नगरसेवकों का स्पष्ट बहुमत अडूर के समर्थन में होने के आधार पर विभागीय आयुक्त ने सुरेंद्र अडबाले की गुटनेता के रूप में दर्ज नियुक्ति रद्द कर दी और राजेश अडूर के नाम पर आधिकारिक मुहर लगा दी।
संबंधित अधिकारियों को भेजा आदेश
विभागीय सहआयुक्त रविंद्र भेलाई ने इस फैसले का आधिकारिक आदेश चंद्रपुर महानगरपालिका के महापौर, जिलाधिकारी, मनपा आयुक्त, राजेश अडूर और सुरेंद्र अडबाले सहित सभी संबंधित विभागों को भेज दिया है। साथ ही आदेश पर तत्काल अमल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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