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Wardha

मराठी साहित्य सम्मेलन का मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया उद्घाटन, कहा- यह चमत्कार करने वाली भाषा


वर्धा: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथो मराठी साहित्य सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा, "लेखकों द्वारा मराठी भाषा में दिए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। नेताओं के लिए भीड़ और सभाओं का कोई खास महत्व नहीं होता है। लेकिन आज यहां जो भीड़ उमड़ी है वह साहित्य प्रेमियों की भीड़ है। उन्हें गर्व है कि मराठी चमत्कार करने वाली भाषा है।"

मैं केवल साहित्य देख सकता हूं

मुख्यमंत्री ने कहा, "आज इस स्थान पर साहित्य नगरी सुशोभित है। वास्तव में आज इस स्थान को साहित्य का उद्गम स्थल कहना गलत नहीं होगा। यह तीन दिवसीय साहित्य सम्मेलन है। यहां साहित्य जाग रहा है। मैं इसके लिए आपको शुभकामनाएं देता हूं।"

नेता के तौर पर नहीं, आम आदमी बनकर आया

सीएम शिंदे ने कहा, "साहित्य सम्मेलन में विभिन्न विचारों पर मंथन होगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि यह सांस्कृतिक लोकतंत्र का एक महान रूप है। मैं आज यहां एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं बल्कि एक आम आदमी, साहित्य प्रेमी के रूप में आया हूं। मैं आपको बता दूं कि जब हम दावोस गए थे तो दुनिया भर के मराठी लोगों से मिले थे। वहां मराठी सुनकर मुझे भी बहुत संतोष हुआ। उनका यह भी कहना है कि हमें इस तरह के कार्यक्रम के जरिए साथ आना चाहिए। ऐसी सभाओं से मराठी लोगों के प्रति आत्मीयता और स्नेह बढ़ता है।"

उद्घाटन करने का मौका मिलेगा सोचा नहीं था

मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं इस भूमि को नमन करता हूं जहां महात्मा गांधी रहे थे जिन्होंने अंग्रेजों को जाने के लिए कहा और देशवासियों को गांव जाने का मंत्र दिया। मैं इस साहित्य सम्मेलन में उपस्थित सभी का स्वागत करता हूँ। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे एक साहित्यिक सम्मेलन का उद्घाटन करने का सौभाग्य मिलेगा।"