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Akola: मई शुरू पर नाले जस के तस! महानगर पालिका की सुस्ती से नागरिकों में भारी आक्रोश


अकोला: अकोला शहर में मई का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन मानसून पूर्व की जाने वाली नालेसफाई का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। महानगर पालिका की इस सुस्ती के कारण स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। शहरवासियों का आरोप है कि प्रशासन हर साल बारिश के बिल्कुल नजदीक आने का इंतजार करता है और फिर जल्दबाजी में काम शुरू किया जाता है।

नागरिकों का कहना है कि जब मानसून सिर पर होता है, तब प्रशासन को सफाई की याद आती है, जिससे काम की गुणवत्ता प्रभावित होती है और जनता को जलजमाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

गौरतलब है कि, ऐन बारिश के समय आनन-फानन में काम शुरू करने के कारण शहर के नाले पूरी तरह साफ नहीं हो पाते। नतीजा यह होता है कि पहली ही भारी बारिश में पानी की निकासी नहीं हो पाती और रिहायशी इलाकों में पानी घुसने की नौबत आ जाती है।

पिछले कुछ वर्षों से यह आरोप भी लगते रहे हैं कि महानगर पालिका की नालेसफाई की योजनाएं केवल कागजों तक ही सीमित रहती हैं। अकोला शहर में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 272 नाले हैं, जिनकी सफाई अभी तक ठप पड़ी है। इस देरी के कारण मानसून के दौरान शहर में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

दूसरी ओर, इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल ने दावा किया है कि नालेसफाई की निविदा प्रक्रिया (टेंडर) पूरी हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अगले एक से दो दिनों के भीतर शहर में सफाई का काम प्रत्यक्ष रूप से शुरू कर दिया जाएगा।

हालांकि, मानसून में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं, ऐसे में अकोला के आम नागरिकों की यही मांग है कि प्रशासन राजनीति और कागजी कार्रवाई से ऊपर उठकर युद्धस्तर पर काम पूरा करे ताकि इस बार शहर को बाढ़ और गंदगी से निजात मिल सके।