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Akola: श्री गजानन नागरिक सहकारी ऋण संस्था में करोड़ों का घोटाला उजागर, लगभग 18.96 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी


अकोला: श्री गजानन नागरी सहकारी ऋण संस्था पर 18.96 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए संस्था के पदाधिकारियों के साथ-साथ अध्यक्ष के पुत्र को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से शहर में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर हड़कंप मच गया है।

अकोला पुलिस ने वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पिता-पुत्र की जोड़ी को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। संस्था के अध्यक्ष नारायण आवारे और उनके पुत्र, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदकिशोर आवारे को अकोला आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है और डाबकी रोड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। 

जमाकर्ताओं के पैसे लौटाना था बंद

अकोला की श्री गजानन नागरी सहकारी ऋण संस्था में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप पिछले कई महीनों से सामने आ रहे थे। संस्था ने अप्रैल महीने से जमाकर्ताओं को पैसे लौटाना बंद कर दिया था, जिससे हजारों जमाकर्ताओं में आक्रोश फैल गया था। जमाकर्ताओं का आरोप है कि पैसे निकालने के लिए जाने पर उन्हें बार-बार तारीख पर तारीख देकर टालमटोल किया जाता था।

लगभग 18.96 करोड़ रुपये का गबन

कई शिकायतों के बाद आर्थिक अपराध शाखा द्वारा जांच में सामने आया कि संस्था में लगभग 18.96 करोड़ रुपये का गबन हुआ है, जबकि 25 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि फंसी हुई है। इस संस्था में करीब 2500 जमाकर्ताओं का पैसा लगा हुआ है, जिनमें नौकरीपेशा, पेंशनधारक, मजदूर और घरेलू काम करने वाली महिलाएं शामिल हैं। 

अन्य जिलों में खरीदी जमीन  

आरोप है कि संस्था के पदाधिकारियों ने जमाकर्ताओं के पैसे को अन्य जगह निवेश कर दिया और अकोला शहर सहित अन्य जिलों में जमीन की खरीद भी की, जो पुलिस जांच में सामने आया है। कई बार आंदोलन और शिकायतों के बावजूद जमाकर्ताओं को पैसे वापस नहीं मिले, जिससे लोगों में भारी नाराजगी थी। अंततः पुलिस ने अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। आगे की जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है। संस्था के अध्यक्ष ने कहा कि यह स्थिति आर्थिक कठिनाइयों के कारण उत्पन्न हुई है और उन्होंने बताया कि संपत्तियों को बेचने के लिए निकाला गया है तथा जल्द ही जमाकर्ताओं का पैसा वापस किया जाएगा।