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Akola

Akola: एसीबी के जाल में अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए 60 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले ग्राम सेवक और लिपिक


अकोला: ग्राम पंचायत से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत मांगने और समझौते में 60 हजार रुपए लेने वाले वाडेगाव ग्रामपंचायत के ग्रामसेवक व लिपिक को एंटी-करप्शन ब्यूरो ने रंगेहाथ पकड़ लिया, जिससे जिले में सनसनी फैल गई। ग्रामपंचायत कार्यालय में रचे गए इस ट्रैप की कार्रवाई से प्रशासन में फैले भ्रष्टाचार का एक और पर्दाफाश हुआ है।

इस मामले के आरोपी ग्रामसेवक योगेश तोताराम कापकर और लिपिक सुभाष रामकृष्ण सरप हैं। एसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता के छोटे भाई को ग्राम वाडेगाव में वैभव वाइन एण्ड बियर शॉप खोलने के लिए ग्रामपंचायत का अनापत्ति प्रमाणपत्र चाहिए था। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने की इच्छा न जताई और 8 को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग, अकोला में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत की गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने 13 मई को माझोड में रिश्वत मांगने की पड़ताल की। जांच में पाया गया कि ग्रामसेवक योगेश कापकर ने अंतिम समझौते के दौरान शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपए देने को कहा था। इसके बाद 16 मई को ग्रामपंचायत वाडेगाव में पहला जाल बिछाकर कार्रवाई की गई। उस समय आरोपित ग्रामसेवक ने मांगी हुई रिश्वत राशि लिपिक सुभाष सरप को देने के लिए कहा था।