"रास्ता पूछा... और बन गए लुटेरों का शिकार! 8 दिन बाद हुआ बुटीबोरी लूटकांड का खुलासा, जेल से दबोचा गया 'भाईजान'
नागपुर: रास्ता पूछा... और बन गए लुटेरों का शिकार! बुटीबोरी के सनसनीखेज लूटकांड का ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा ने महज 8 दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। 150 से ज्यादा CCTV फुटेज और पीड़ित की बेटी के मोबाइल में कैद वीडियो ने पुलिस को सीधे कुख्यात बदमाश अफरोज उर्फ भाईजान पठान तक पहुंचा दिया। बेटे के ऑपरेशन के लिए पैरोल पर बाहर आए अफरोज ने पैसों के लिए इस वारदात को अपने साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया। पुलिस से बचने के लिए वह दोबारा अमरावती जेल लौट गया, लेकिन कानून के शिकंजे से नहीं बच सका।
बुटीबोरी के बहुचर्चित चाकू की नोक पर हुई लूटकांड का आखिरकार पर्दाफाश हो चुका है। 5 जुलाई की शाम रास्ता पूछ रहे एक कार चालक सुशांत हजारे जो की कृषि विभाग में कार्यरत हैं उनके परिवार को दो बाइक सवार बदमाशों ने अपना निशाना बनाया। पहले रास्ता बताया और फिर आगे जाकर कार रुकवाकर चाकू की नोक पर चालक की पत्नी से सोने की चेन और मंगलसूत्र लूटकर फरार हो गए।
घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं था, परंतु सुशांत की बेटी द्वारा इस घटना के समय कार से ही बनाया गया चंद सेकंड का वीडियो पुलिस के लिए संजीवनी साबित हुआ। इसके बाद ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा की तीन टीमों ने हुडकेश्वर से लेकर बुटीबोरी तक 150 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले।
तकनीकी जांच, कड़ी मेहनत और लगातार पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपी के ठिकाने तक पहुंची। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी अफरोज उर्फ भाईजान पठान किसी अन्य मामले में अमरावती जेल में बंद था और 15 जून को बेटे के इलाज के लिए पैरोल पर बाहर आया था। पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए उसने अपने साथी रामेश्वर प्रधान के साथ मिलकर इस लूट की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस की जांच तेज होती देख अफरोज दोबारा अमरावती जेल लौट गया, ताकि खुद को सुरक्षित दिखा सके। लेकिन पुलिस की मुस्तादी से वह बच नहीं सका । बाद में पुलिस ने उसके साथी रामेश्वर प्रधान को भी हिरासत में ले लिया है। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी शातिर और आदतन अपराधी हैं तथा उनके खिलाफ पहले से डकैती, लूट और दुष्कर्म जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।
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