Chandrapur: बीजेपी की दोनों महिला पदाधिकारियों को कोर्ट से राहत, नाबालिग के नवजात की खरीद-फरोख्त मामला
चंद्रपुर: जिले में नाबालिग से दुष्कर्म और उसके नवजात शिशु की कथित अवैध खरीद-फरोख्त मामले में कानूनी दस्तावेज पर गवाह के रूप में हस्ताक्षर करने वाली भाजपा की दो महिला पदाधिकारी सायली येरणे और भाग्यश्री हांडे को मंगलवार को अदालत ने जमानत दे दी। हालांकि, अदालत का लिखित आदेश अभी तक पुलिस को प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके कारण दोनों की रिहाई फिलहाल नहीं हो सकी है।
पुलिस जांच में सामने आया था कि मानव तस्करी और नवजात शिशु की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े मुख्य समझौता पत्र पर सत्तारूढ़ भाजपा की सायली येरणे और भाग्यश्री हांडे ने मध्यस्थ (गवाह) के रूप में हस्ताक्षर किए थे। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद रामनगर पुलिस ने 1 जुलाई की शाम दोनों महिला पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई से चंद्रपुर सहित पूरे राज्य के राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी।
लिखित आदेश का इंतजार, रिहाई फिलहाल टली
दोनों महिला पदाधिकारियों ने अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। पुलिस को जमानत मंजूर होने की सूचना मिल चुकी है, लेकिन रिहाई के लिए आवश्यक लिखित आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। रामनगर पुलिस थाना प्रभारी प्रभावती एकुरके ने बताया कि लिखित आदेश मिलने के बाद ही दोनों की जेल से रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
एक महिला आरोपी आईसीयू में भर्ती
इसी मामले की आरोपी सायली येरणे की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस के अनुसार, दोनों महिला पदाधिकारियों का नाम फिलहाल इसी मामले में सामने आया है और इस प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है।
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