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Bhandara

Bhandara: तीन जिलों में आतंक मचाने वाले कुख्यात 'सम्राट गैंग' पर कसा पुलिस का शिकंजा, लगाया मकोका


भंडारा: गोवंश की अवैध तस्करी करने और भंडारा, गोंदिया तथा नागपुर जिलों में अपनी आपराधिक गतिविधियों से दहशत फैलाने वाले कुख्यात 'सम्राट गैंग' के खिलाफ आखिरकार मकोका (MCOCA) के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। नागपुर परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल ने ३ जुलाई को इस गिरोह के खिलाफ मकोका कानून की धाराएं बढ़ाने के आदेश जारी किए। गैंग के सरगना सम्राट कांतिलाल येवले (उम्र ३३ वर्ष, निवासी गोरेगांव) और उसके साथियों पर यह कानूनी फंदा कसा गया है, जिससे अंतर-जिला गोवंश तस्करों में हड़कंप मच गया है।

आधी रात को नाकाबंदी और पुलिस की कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई २१ जून को मिली एक गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई। लाखनी थाना पुलिस को खबर मिली थी कि सड़क अर्जुनी और साकोली मार्ग से होते हुए लाखनी की तरफ तस्करों का एक वाहन आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और नाकाबंदी कर दी। पुलिस ने जब एक संदिग्ध पिकअप वाहन (क्र. MH 40 DC 1395) को रोका, तो पुलिस को देखते ही गैंग का मुखिया सम्राट येवले वाहन छोड़कर भागने में सफल रहा।

पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली, तो उसमें बेहद बेरहमी से ठूंस-ठूंस कर भरे गए १४ गोवंश जानवर मिले। दम घुटने के कारण इनमें से एक जानवर की मौत हो चुकी थी। इस मामले में लाखनी थाने में मामला दर्ज किया गया था।

२०१८ से सक्रिय है यह संगठित गिरोह

पुलिस जांच के अनुसार, सम्राट कांतिलाल येवले ने अपने साथी हर्षल योगेश श्रावणकर और कुछ नए सदस्यों को मिलाकर 'सम्राट टोली' नाम से एक संगठित गिरोह बनाया था। इस गिरोह ने इलाके में अपना दबदबा और खौफ पैदा कर रखा था। गिरोह के सरगना सम्राट येवले के खिलाफ २०१८ से अब तक लाखनी, डुग्गीपार, नवेगांवबांध, गोरेगांव (जिला गोंदिया) और मौदा (जिला नागपुर) के थानों में गोवंश तस्करी के ९ गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस द्वारा बार-बार की जा रही निवारक (प्रतिबंधात्मक) कार्रवाइयों के बावजूद इस गिरोह की अवैध गतिविधियां नहीं रुक रही थीं।

पुलिस अधीक्षकों की सख्त पहल

इस संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए भंडारा जिले के पुलिस अधीक्षक नूरुल हसन ने लाखनी पुलिस को इस गिरोह के खिलाफ मकोका के तहत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। तदनुसार, स्थानीय अपराध शाखा (LCB) के पुलिस निरीक्षक आशीष गजभिए ने कानूनी मापदंडों के आधार पर एक मजबूत प्रस्ताव तैयार कर नागपुर स्थित विशेष पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय को भेजा। विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाते हुए गिरोह पर मकोका लगाने का आदेश दे दिया, जिससे इलाके के अपराधियों में डर का माहौल है।