Yavatmal: पुलिस की बड़ी 'सर्जिकल स्ट्राइक': गुटखा तस्कर कुमार के घर छापा, लाखों का माल जब्त; FDA के निकम्मेपन पर उठे सवाल!
यवतमाल: महाराष्ट्र में अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त पद पर तेजतर्रार आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे की नियुक्ति के बाद से पूरे राज्य में गुटखा तस्करों के खिलाफ हड़कंप मचा हुआ है। लेकिन यवतमाळ का स्थानीय FDA विभाग पूरी तरह 'स्लीपिंग मोड' में नजर आ रहा है। स्थानीय अधिकारियों की इसी निष्क्रियता के बीच, यवतमाळ शहर पुलिस थाने के डीबी स्क्वॉड (DB Pathak) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के नामी गुटखा तस्कर कुमार के घर पर छापा मारकर लाखों रुपये का प्रतिबंधित गुटखा जब्त कर लिया है। पुलिस की इस धमाकेदार कार्रवाई के बाद अब यवतमाळ FDA के अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और उनकी नीयत पर गंभीर संशय के बादल मंडराने लगे हैं।
तस्कर के घर में मिला 'खजाना'
पुलिस से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, यवतमाळ शहर के नंदुरकर स्कूल के सामने, पळसवाडी सिंधी कैंप इलाके में रहने वाला 'कुमार' नामक व्यक्ति बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित गुटखे की तस्करी और अवैध भंडारण कर रहा था। शहर पुलिस थाने के डीबी पथक को जैसे ही इसकी गोपनीय सूचना मिली, टीम ने बिना वक्त गंवाए तस्कर कुमार के घर को चारों तरफ से घेर लिया और अचानक छापेमारी की। घर की तलाशी लेने पर पुलिस के भी होश उड़ गए; वहां भारी मात्रा में प्रतिबंधित गुटखे के बोरे छिपाकर रखे गए थे, जिनकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने सारा माल जब्त कर लिया है।
"जब पुलिस कर रही काम, तो क्या सो रहा FDA?"
इस बड़ी कार्रवाई के बाद यवतमाळ शहर के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक ही चर्चा है कि जो काम कानूनन अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) के अधिकारियों का है, उसे पुलिस को करना पड़ रहा है। राज्य प्रमुख तुकाराम मुंढे के कड़े आदेशों के बावजूद यवतमाळ के FDA अधिकारी हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठे हैं? शहर के बीचों-बीच सिंधी कैंप जैसे इलाके में लाखों का गुटखा डंप हो जाता है और FDA को भनक तक नहीं लगती, क्या यह सिर्फ लापरवाही है या तस्करों के साथ कोई 'गुप्त साठगांठ'?
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