logo_banner
Breaking
  • ⁕ Nagpur: बस ने स्कूल वैन को मारी जोरदार टक्कर, 4 मासूम बच्चे घायल; पंचशील चौक पर मची अफरा-तफरी ⁕
  • ⁕ "2 दिन में 10 करोड़ दो, नहीं तो बाबा सिद्दीकी जैसा हाल करेंगे..." विधायक साजिद पठान को 'बिश्नोई गैंग' की धमकी, कांग्रेस आक्रामक ⁕
  • ⁕ Chandrapur: ‘रूम सर्विस’ की आवाज और अकोला-चंद्रपुर का एमडी कनेक्शन, रामनगर पुलिस की ‘फिल्मी स्टाइल’ रेड ⁕
  • ⁕ Nagpur: मेडिकल सर्टिफिकेट के बदले मांगे 20 हजार की रिश्वत, मेयो अस्पताल सर्जरी विभाग के एचओडी और जूनियर स्टेनो गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Akola: कांग्रेस पार्षद के पति पर दिनदहाड़े जानलेवा चाकू हमला, पीछा कर एक आरोपी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: दारू पार्टी में हुआ विवाद, पेट में चाकू घोंपकर दोस्त को किया लहूलुहान; दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में ⁕
  • ⁕ रिश्ते शर्मसार: मां दूध लेने गई बाहर, कलयुगी पिता ने अकेली नाबालिग बेटी से की अश्लील हरकत; विरोध करने पर पीटा, गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

ट्रेन में गुंडागर्दी: दानापुर एक्सप्रेस में नागपुर की महिला से मारपीट, RPF और TTE बने मूकदर्शक; रेल मंत्री के सुरक्षित सफर के दावों की खुली पोल


नागपुर: भारतीय रेलवे में महिला सुरक्षा और 'सुखद यात्रा' के बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत एक बार फिर उजागर हुई है। वाराणसी से नागपुर आ रही दानापुर एक्सप्रेस में नागपुर की एक महिला और उनके परिवार के साथ सह-यात्रियों द्वारा गाली-गलौज, मारपीट और प्रताड़ना का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि मदद के लिए गुहार लगाने के बावजूद ट्रेन में मौजूद आरपीएफ (RPF) कर्मियों और टीटीई (TTE) ने पीड़िता की कोई मदद नहीं की। इस घटना ने एक बार फिर रेल मंत्रालय के सुरक्षा तंत्र और स्लीपर कोचों की बदहाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

चलती ट्रेन में परिवार पर हमला, सुरक्षा अमला रहा लापरवाह

पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 3 जुलाई की है। महिला अपने परिवार के साथ दानापुर एक्सप्रेस से सफर कर रही थीं, तभी सह-यात्रियों के एक गुट ने उनके साथ विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते आरोपियों ने महिला और उनके परिजनों को भद्दी गालियां दीं और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। घबराए परिवार ने तुरंत रेलवे की आपातकालीन हेल्पलाइन 139 पर कॉल कर मदद मांगी। शिकायत के बाद कुछ आरपीएफ जवान ट्रेन के कोच में दाखिल हुए और उन्होंने आरोपियों से पूछताछ भी की।

लेकिन पीड़ित महिला का आरोप है कि सब कुछ जानने के बाद भी आरपीएफ ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। यही नहीं, ट्रेन के टीटीई को भी इस पूरी घटना की जानकारी दी गई थी, लेकिन उसने भी मदद करने से साफ मना कर दिया। रेलवे अमले की इस घोर लापरवाही के कारण सफर के दौरान आरोपियों के हौसले बुलंद रहे और पीड़ित परिवार पूरे रास्ते डर के साए में सफर करने को मजबूर रहा।

नागपुर पहुंचकर दर्ज कराया मुकदमा

आखिरकार, 4 जुलाई को नागपुर पहुंचने पर पीड़ित महिला ने रेलवे पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में न केवल दोषी यात्रियों पर, बल्कि अपनी ड्यूटी ठीक से न निभाने वाले लापरवाह आरपीएफ कर्मियों और टीटीई पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल रेलवे प्रशासन मामले की जांच की बात कह रहा है।

स्लीपर बने जनरल बोगी, रेल मंत्री के दावे हवा-हवाई!

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह देश के रेल मंत्री और पूरे रेलवे विभाग की उस कार्यप्रणाली को उजागर करती है जिस पर करोड़ों यात्री भरोसा करते हैं। इस घटना ने रेलवे की कमियों को बेनकाब किया है। रेल मंत्रालय लगातार दावा करता है कि वह सभी यात्रियों को कन्फर्म और सुरक्षित टिकट देने की दिशा में काम कर रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि आज भी ट्रेनों में क्षमता से कई गुना ज्यादा लोग सफर कर रहे हैं, जिससे वैध टिकट वाले यात्रियों का अपनी ही सीट पर सुरक्षित रहना दूभर हो गया है।

दानापुर एक्सप्रेस और उत्तर भारत से आने-जाने वाली अधिकांश ट्रेनों के स्लीपर कोच की हालत आज जनरल बोगी जैसी हो चुकी है। बिना टिकट या वेटिंग टिकट वाले लोग स्लीपर कोच में इस कदर घुस जाते हैं कि वैध यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों का दम घुटने लगता है। भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यात्रियों के साथ बदसलूकी करते हैं।