Nagpur: आर्थिक अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई: अरोली की सरपंच रोशनी भुरे अपात्र घोषित, अपर आयुक्त का फैसला
नागपुर: तहसील के अरोली ग्राम पंचायत में वित्तीय गड़बड़ियों और सरकारी नियमों के उल्लंघन के मामले में अपर आयुक्त तुषार कमठकर ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने सरपंच रोशनी प्रशांत भुरे को सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए अयोग्य (अपात्र) घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत सदस्य अमोल सदानंद फुबडे की शिकायत पर की गई है।
अरोली ग्राम पंचायत में हुए इस आर्थिक हेरफेर को लेकर शिकायतकर्ता अमोल फुबडे की याचिका पर 29 जून को अंतिम सुनवाई हुई थी। इससे पहले, 16 फरवरी को जिला परिषद के ग्राम पंचायत कार्यालय (सीईओ) द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में सरपंच पर लगे आरोप सही पाए गए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही अपर आयुक्त ने अब अपात्रता का यह आदेश जारी किया है।
जांच में सामने आई गंभीर खामियां:
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि मजदूरों, आपूर्तिकर्ताओं (सप्लायर्स) और लाभार्थियों को नियमानुसार चेक देने के बजाय नकद (कैश) भुगतान किया गया था। इसके अलावा इस भुगतान के लिए कोई आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति या लिखित आदेश भी नहीं लिया गया था। अपर आयुक्त ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह आचरण वित्तीय नियमों का खुला उल्लंघन, कदाचार और कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही है।
सचिव पर भी गिरेगी गाज:
अपर आयुक्त ने साफ किया कि ग्राम पंचायत के वित्तीय लेन-देन की अंतिम जिम्मेदारी सरपंच और सचिव (ग्राम सेवक) दोनों की होती है। इसलिए उन्होंने जिला परिषद के सीईओ को ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ भी नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हालाँकि, इस आदेश के खिलाफ संबंधित पक्ष को राज्य सरकार के ग्राम विकास मंत्री के समक्ष अपील करने का अधिकार दिया गया है।
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