Gondia: सखी वन स्टॉप सेंटर की तत्परता: बिहार और भुसावल की दो लापता महिलाएं सकुशल पहुंचीं घर
गोंदिया: गोंदिया के 'सखी वन स्टॉप सेंटर' की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के कारण पिछले एक महीने से लापता दो महिलाएं सुरक्षित अपने घर पहुंच गई हैं। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत के.टी.एस. अस्पताल में कार्यरत इस केंद्र ने एक बार फिर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है, जिससे दोनों परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
भटकती मिली थीं दोनों महिलाएं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार के नालंदा जिले की रहने वाली 40 वर्षीय रिंकूदेवी राजकुमार साव पिछले एक महीने से लापता थीं और उनका परिवार हर जगह उनकी तलाश कर रहा था। इसी बीच, गोंदिया जिले के रावणवाड़ी गांव के पास स्थानीय नागरिकों को एक महिला अकेली भटकती हुई दिखाई दी। ग्रामीणों ने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रिंकूदेवी को सुरक्षित अपनी हिरासत में लिया और आगे की देखभाल के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर, गोंदिया में दाखिल कराया।
दूसरी घटना रामनगर थाना क्षेत्र की है। यहां रात की गश्त (पेट्रोलिंग) के दौरान पुलिस को भुसावल की रहने वाली रेखा तुकड़ीदास राठौड़ नामक महिला मिलीं। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण वे अपनी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थीं। पुलिस ने उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी सखी वन स्टॉप सेंटर भेज दिया।
काउंसलिंग से मिला परिवारों का सुराग
सखी केंद्र के परामर्शदाताओं (समुपदेशकों) ने दोनों महिलाओं के साथ बेहद संवेदनशीलता से बातचीत की और उनकी काउंसलिंग कर पूरी जानकारी जुटाई। महिलाओं द्वारा दिए गए सुरागों के आधार पर केंद्र के कर्मचारियों ने उनके परिवारों को खोज निकाला और उनसे संपर्क किया। दोनों परिवारों ने बताया कि वे पिछले एक महीने से इन महिलाओं को ढूंढ रहे थे।
सूचना मिलने के बाद बिहार से रिंकूदेवी के परिजन गोंदिया पहुंचे। सखी केंद्र की प्रशासक मधु बिसेन और अन्य कर्मचारियों ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद रिंकूदेवी को उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया। इसी तरह, भुसावल की रेखा राठौड़ को भी उनके परिजनों के हवाले किया गया। सखी केंद्र के इन प्रयासों की वजह से दोनों महिलाएं अब सुरक्षित अपने घर लौट चुकी हैं।
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