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Akola: बारिश से पहले बढ़ी अकोलावासियों की चिंता! 100 से ज्यादा जर्जर इमारतों से हादसे का खतरा


अकोला: शहर की जर्जर और खस्ताहाल इमारतों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। शहर में कौन-कौन सी इमारतें बेहद जर्जर हालत में हैं, इसका कोई ताजा सर्वे या सूची महानगरपालिका ने तैयार नहीं की है। मनपा प्रशासन की लापरवाही भी सामने आ रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 200 से ज्यादा इमारतें बेहद खतरनाक स्थिति में खड़ी हैं। इनमें से कई इमारतें 50 साल से भी पुरानी हैं और कभी भी ढह सकती हैं। ऐसे में बारिश का मौसम शुरू होने से पहले अकोलावासियों की चिंता बढ़ गई है।

महानगरपालिका ने कुछ वर्ष पहले इन जर्जर इमारतों को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किए थे, लेकिन मकान मालिकों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं मनपा प्रशासन ने भी आगे कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बारिश के दौरान इन खतरनाक इमारतों के गिरने से बड़े हादसे और जनहानि की आशंका जताई जा रही है। 

स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल ने प्रशासन से मांग की है कि इन खतरनाक इमारतों का तुरंत सर्वे कर सूची सार्वजनिक की जाए और सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने जर्जर इमारतों में रह रहे नागरिकों से तुरंत घर खाली करने की अपील भी की है। यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो बारिश के मौसम में अकोलावासियों की जान पर बन सकती है।