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Akola

Akola: रेलवे की लापरवाही किसानों को पड़ी भारी, 300 एकड़ खेती हुई जलमग्न; न्याय की मांग को लेकर भूमिपुत्रों का जल सत्याग्रह


अकोला: अकोला-खंडवा ब्रॉडगेज निर्माण में लगातार लापरवाही बरतने का आरोप लग रहे हैं। ब्रॉडगेज रेलवे रूट के निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का खामियाजा अब स्थानीय किसानों को भुगतना पड़ रहा है। आरोप है कि पानी निकासी का सही इंतजाम न होने के कारण हिवरखेड इलाके की करीब 300 एकड़ से ज्यादा खेती जलमग्न हो गई है। कई खेतों में 3 से 4 फीट तक पानी भर जाने से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और उपजाऊ जमीन को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो गुस्साए किसानों ने आज पानी में उतरकर 'जलसमाधी आंदोलन' शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

अकोला-खंडवा रेलवे लाइन का काम चलते समय कई जगहों पर प्राकृतिक जल निकासी के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि बारिश का पानी खेतों में जमा हो गया और सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई। हालात इतने बदतर हैं कि कई खेतों में आज भी 3 से 4 फीट तक पानी जमा है, जिससे वहां खेती करना पूरी तरह असंभव हो गया है। किसानों को न सिर्फ फसलों के नुकसान की चिंता है, बल्कि जमीन की उपजाऊ क्षमता खत्म होने का डर भी सता रहा है।

प्रशासन और संबंधित विभाग को कई बार लिखित शिकायत देने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूरन किसानों ने खेतों में भरे इसी पानी में उतरकर जलसमाधी आंदोलन का रास्ता चुना। आंदोलनकारी किसानों की मांग है कि खेतों से पानी निकासी की तुरंत व्यवस्था की जाए, नुकसान का पंचनामा कर उचित मुआवजा दिया जाए और इस लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।

इस आंदोलन में इलाके के बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम से हिवरखेड परिसर के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।