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Akola

Akola: जिले में जलसंकट, महान (काटेपूर्णा) बांध में बचा सिर्फ 18.35% पानी; आज से 6 और 7 दिनों के अंतराल पर मिलेगा पानी


अकोला: इस साल मानसून सीजन में हुई बेहद कम बारिश के कारण काटेपूर्णा (महान) परियोजना में पानी का स्तर चिंताजनक रूप से नीचे गिर गया है। इसके चलते अकोला वासियों के सामने भीषण जल संकट खड़ा हो गया है। हालात को देखते हुए अकोला नगर निगम ने शहर की जलापूर्ति (वाटर सप्लाई) के शेड्यूल में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है।

अकोला शहर में आज 16 जुलाई से पानी की कटौती का नया शेड्यूल लागू कर दिया गया है। इसके तहत शहर के मुख्य (मूल) सीमा क्षेत्र में अब हर पांच दिनों के अंतराल पर यानी छठे दिन पानी दिया जाएगा। वहीं, शहर के विस्तारित (हद्दवाढ) इलाकों में छह दिनों के अंतराल पर यानी सातवें दिन जलापूर्ति की जाएगी। प्रशासन के इस फैसले के बाद अब नागरिकों को पानी का बेहद सोच-समझकर और किफायत से इस्तेमाल करना होगा।

नगर निगम के जल आपूर्ति विभाग के मुताबिक, अकोला शहर का मुख्य जल स्रोत 'काटेपूर्णा बांध' है। इस परियोजना में फिलहाल केवल 15.848 दलघमी (MCM) यानी महज 18.35 प्रतिशत ही पानी का स्टॉक बचा है। इस साल मानसून में अब तक उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई है, जिससे बांध का जलस्तर नहीं बढ़ सका। दूसरी तरफ, भीषण गर्मी और उमस के कारण पानी की मांग तेजी से बढ़ी है। तेजी से घटते जलस्तर और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है।

इन इलाकों पर पड़ेगा सीधा असर
नए टाइमटेबल के अनुसार, 65 एमएलडी (MLD) जल शुद्धीकरण केंद्र से जुड़े महाजनी प्लॉट, बड़ी उमरी, गुडधी, नेहरू पार्क, तोष्णीवाल लेआउट, आदर्श कॉलोनी, केशव नगर, रेलवे स्टेशन, गंगा नगर, अकोट फैल, जोगलेकर प्लॉट और लोकमान्य नगर जैसे जलकुंभों (पानी की टंकियों) से जुड़े क्षेत्रों में अब छठे दिन पानी की सप्लाई होगी। प्रशासन ने नागरिकों से पानी की बर्बादी रोकने और सहयोग करने की अपील की है।