“शब्द की कीमत होती है, निभाएं तो मजबूत होता है गठबंधन”, अमोल मिटकरी ने देवेंद्र फडणवीस को दिलाई वादे की याद
मुंबई: दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राज्य का वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अस्थायी रूप से अपने पास रखा था। बजट सत्र के बाद यह विभाग दोबारा राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) को सौंप दिया जाएगा, ऐसा आश्वासन उस समय दिया गया था। हालांकि, सत्र समाप्त होने के बाद भी वित्त विभाग मुख्यमंत्री के पास ही रहने के कारण राष्ट्रवादी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के पूर्व विधायक अमोल मिटकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट साझा कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उनके वादे की याद दिलाई है।
वित्त विभाग पर राष्ट्रवादी का ही हक: अमोल मिटकरी
अमोल मिटकरी ने अपनी पोस्ट में कहा कि महायुति सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार पर भरोसा जताते हुए वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसे उन्होंने बेहद कुशलता से संभाला। अजित पवार के असामयिक निधन के बाद यह विभाग अस्थायी तौर पर मुख्यमंत्री ने अपने पास रखा। लेकिन बजट पेश होने के बाद यह जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को सौंपी जाएगी, ऐसे संकेत खुद मुख्यमंत्री ने दिए थे। इसलिए राजनीतिक सहमति के तहत इस विभाग पर राष्ट्रवादी कांग्रेस का ही नैतिक और राजनीतिक हक बनता है।
"वादा निभाना परस्पर सम्मान का विषय"
महायुति में शामिल सहयोगी दलों के स्वाभिमान और विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए मिटकरी ने कहा, "अजित पवार से स्नेह रखने वाले लाखों कार्यकर्ताओं के मन में आज भी इस वादे को लेकर उम्मीद और पीड़ा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस ने हमेशा महायुति सरकार को मजबूत बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी से काम किया है। ऐसे में दिया गया शब्द निभाना केवल राजनीतिक व्यवस्था नहीं, बल्कि विश्वास, पारदर्शिता और परस्पर सम्मान का विषय है।"
पार्टी विधायकों से भी भावनाएं पहुंचाने की अपीलमिटकरी ने मांग की है कि मुख्यमंत्री अपने वादे को पूरा करते हुए वित्त विभाग राष्ट्रवादी कांग्रेस को सौंपें, जिससे महायुति में विश्वास अधिक मजबूत होगा और कार्यकर्ताओं का भ्रम दूर होगा। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के सभी विधायकों से अपील की कि वे पार्टी के स्वाभिमान के लिए कार्यकर्ताओं की भावनाएं मुख्यमंत्री तक मजबूती से पहुंचाएं।
वित्त विभाग को लेकर फिर तेज हुई राजनीतिक हलचल
अमोल मिटकरी के बयान, "शब्द की कीमत होती है। अगर उसे निभाया जाए तो विश्वास बढ़ता है; और विश्वास टिके रहने पर ही गठबंधन मजबूत होता है" के बाद महायुति में विभागों के बंटवारे और आंतरिक समन्वय को लेकर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस क्या रुख अपनाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
admin
News Admin