logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Amravati

Amravati: करोड़ों खर्च के बाद भी खाली पड़ी पुलिस कॉलोनी, 208 आवास अब भी पुलिस परिवारों की प्रतीक्षा में


अमरावती: अमरावती ग्रामीण पुलिस विभाग के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई 208 आवासीय सदनिका (फ्लैट) अब भी पुलिस परिवारों की प्रतीक्षा कर रही हैं। शहर से दूर कोंडेश्वर परिसर में बनाई गई इस पुलिस कॉलोनी में रहने के लिए पुलिस कर्मचारी रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिसके कारण अधिकांश आवास खाली पड़े हैं।

इस पुलिस वसाहत का लोकार्पण वर्ष 2025 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा किया गया था। अत्याधुनिक सुविधाओं के दावे के साथ बनाई गई इस कॉलोनी में फिलहाल केवल कुछ पुलिस कर्मचारी और प्रशिक्षणार्थी पुलिसकर्मी ही रह रहे हैं।

पुलिस कर्मचारियों का कहना है कि कॉलोनी शहर से काफी दूर स्थित है और आसपास मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बच्चों की शिक्षा के लिए अच्छे स्कूल नहीं हैं, वहीं बाजार और रोजमर्रा की जरूरतों की सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। इसी वजह से अधिकांश पुलिस कर्मचारी यहां रहने से बच रहे हैं।

करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई इस परियोजना का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पाने से अब सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस कर्मचारियों ने मांग की है कि कॉलोनी परिसर में मूलभूत सुविधाएं, परिवहन व्यवस्था, स्कूल और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि पुलिस परिवार यहां रहने के लिए तैयार हो सकें।