मां की मौत के बाद अनाथ बंदर को मिला ठाकरे परिवार का साथ, इंसानियत की इस कहानी ने जीता सबका दिल!
अमरावती: इंसान और जानवरों के बीच के अनोखे रिश्ते की कई कहानियां आपने सुनी होंगी, लेकिन अमरावती जिले के मोर्शी तालुका से दिल को छू लेने वाला एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक अनाथ बंदर के बच्चे को ठाकरे परिवार ने न सिर्फ सहारा दिया, बल्कि उसे अपने परिवार के सदस्य की तरह पाला-पोसा है। 'बजरंग' नाम का यह छोटा सा बंदर अब पूरे इलाके में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
ऐसे हुई 'बजरंग' की एंट्री
करीब चार महीने पहले वैष्णोरा गांव के निवासी अनिल ठाकरे के घर की छत पर एक बंदरिया ने बच्चे को जन्म दिया। लेकिन, बदकिस्मती से जन्म देने के कुछ ही देर बाद उस बंदरिया की मौत हो गई। मां की मौत के बाद वह छोटा सा बच्चा भूख से तड़प रहा था। यह देखकर अनिल ठाकरे का दिल पसीज गया। उन्होंने इंसानियत दिखाते हुए पहले तो मृत बंदरिया का पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया और फिर उस बेसहारा बच्चे को अपने घर ले आए।
जंगल में छोड़ा, पर ममता के खिंचाव से फिर लौटा
ठाकरे परिवार ने इस बच्चे का नाम 'बजरंग' रखा। उसे बोतल से दूध पिलाने से लेकर एक छोटे बच्चे की तरह उसकी देखभाल करने तक, हर जिम्मेदारी इस परिवार ने खुशी-खुशी उठाई। कुछ दिनों बाद जब बजरंग थोड़ा बड़ा हुआ, तो उसे प्राकृतिक माहौल में रहने के लिए जंगल में छोड़ने का प्रयास भी किया गया। लेकिन ठाकरे परिवार से उसे जो प्यार मिला था, उसके आगे जंगल की आजादी भी फीकी पड़ गई। बजरंग जंगल में रुकने के बजाय वापस इसी घर में लौट आया।
अब बन गया है परिवार का लाडला हिस्सा
आज 'बजरंग' सिर्फ ठाकरे परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले का लाडला सदस्य बन चुका है। घर और आसपास के बच्चे उसके साथ जमकर खेलते हैं और उसे दूध व खाना खिलाते हैं। ठाकरे परिवार की इस दरियादिली और जीव-दया की हर तरफ तारीफ हो रही है। इस बेजुबान जानवर और इंसान के बीच के निश्छल प्रेम का यह वीडियो इस समय इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों को बेहद पसंद आ रहा है और तेजी से शेयर किया जा रहा है।
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