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Amravati

Amravati: नितिन गुड़धे पाटिल की शहराध्यक्ष नियुक्ति पर महज 48 घंटे में लगी रोक; सियासी गलियारों में हड़कंप


अमरावती: अमरावती के राजनीतिक हलकों से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश नेतृत्व ने नितिन गुड़धे पाटिल को अमरावती शहर जिला अध्यक्ष (शहराध्यक्ष) बनाने के अपने ही फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक (स्थगिती) लगा दी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह कार्रवाई पाटिल की नियुक्ति की घोषणा के महज 48 घंटों के भीतर की गई है, जिससे अमरावती भाजपा के साथ-साथ पूरे राजनीतिक वर्तुळ में खलबली मच गई है।

ज्ञात हो कि, नितिन गुड़धे पाटिल को बीते सोमवार, 29 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर अमरावती का नया शहराध्यक्ष घोषित किया गया था। लेकिन इसके अगले ही दिन यानी मंगलवार, 30 जून को पार्टी हाईकमान ने इस फैसले को पलट दिया।

प्रदेश अध्यक्ष के हस्ताक्षर से पत्र जारी
बीजेपी के आंतरिक सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के हस्ताक्षर से एक आधिकारिक और गोपनीय पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नितिन गुड़धे पाटिल की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाए। पार्टी द्वारा अचानक लिए गए इस तड़काफड़की (जल्दबाजी) फैसले के पीछे का असली और पुख्ता कारण क्या है, इस पर फिलहाल शीर्ष नेतृत्व ने चुप्पी साध रखी है।

अमरावती की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म
बिना कोई ठोस कारण बताए, महज दो दिनों के भीतर इतनी बड़ी नियुक्ति पर ब्रेक लगाए जाने से अमरावती भाजपा के भीतर की गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सतह पर आती दिख रही है। राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय नेताओं के बीच इस फैसले को लेकर तरह-तरह के कयास और तर्क-वितर्क लगाए जा रहे हैं। क्या स्थानीय स्तर पर इस नाम को लेकर कोई बड़ा विरोध था?क्या पार्टी के किसी वरिष्ठ धड़े की नाराजगी के कारण प्रदेश नेतृत्व को यह कदम पीछे खींचने पड़े?

कारण जो भी हो, लेकिन इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने अमरावती के सियासी पारे को अचानक से बेहद गर्म कर दिया है। अब देखना यह होगा कि अमरावती भाजपा अध्यक्ष की इस कमान को लेकर पार्टी का अगला कदम क्या होता है और पाटिल की जगह किसे यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है।