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Maharashtra

महराष्ट्र में बाल अपराधियों की उम्र 18 से होगी 16! उम्र सीमा घटाने पर CM फडणवीस का बड़ा एलान, बनेगी हाई-लेवल कमेटी


मुंबई: महाराष्ट्र में बढ़ती बाल अपराध (Juvenile Delinquency) की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान पूर्व वन व सांस्कृतिक कार्य मंत्री और विधायक सुधीर मुनगंटीवार द्वारा उठाए गए मुद्दे पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) गठित करने की घोषणा की है। यह समिति बाल अपराधों का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगी और आगामी सत्र तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

'अल्पवयीन' होने की आड़ में नहीं बच पाएंगे अपराधी

विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने सदन में बाल अपराधों के बदलते स्वरूप पर गहरी चिंता व्यक्त की। अपने गृह जिले (चंद्रपुर) की एक गंभीर घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "अब केवल 'अल्पवयीन' (नाबालिग) होने के आधार पर जघन्य अपराधों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। नाबालिगों द्वारा किए जा रहे बलात्कार, हत्या और ड्रग्स तस्करी जैसे अपराधों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जो समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।"

मुनगंटीवार ने मांग की कि पिछले 20 वर्षों के बाल अपराधों के आंकड़ों की तुलना की जाए। इसके पीछे के सामाजिक और मानसिक कारणों का अध्ययन कर मौजूदा कानूनों पर पुनर्विचार होना चाहिए और आवश्यकतानुसार कानून कड़े किए जाने चाहिए।


कानूनों को सख्त बनाने के लिए केंद्र से करेंगे पैरवी

सुधीर मुनगंटीवार की मांगों पर सहमति जताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार इस विषय को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा कानूनों के कारण नाबालिग अपराधियों को कड़ी सजा देने में कुछ सीमाएं हैं, जिसका फायदा कुछ आपराधिक गैंग उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "बाल अपराधों के वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। इसकी सिफारिशों के आधार पर जो उपाय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं, वे तुरंत किए जाएंगे। साथ ही, केंद्रीय कानूनों में बदलाव के लिए केंद्र सरकार को आवश्यक प्रस्ताव भेजकर इसका लगातार फॉलो-अप लिया जाएगा।" - देवेंद्र फडणवीस, 

स्कूलों में चाकू लेकर पहुंच रहे छात्र

अधिवेशन के दौरान शिवसेना विधायक अर्जुन खोतकर ने जालना जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और उसमें नाबालिगों की संलिप्तता का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ आपराधिक गिरोह जानबूझकर नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यहां तक कि स्कूलों में भी बच्चे चाकू लेकर आ रहे हैं। खोतकर ने मांग की कि अपराधियों के सरगनाओं पर मकोका जैसी कड़ी कार्रवाई की जाए और नाबालिग की उम्र सीमा को 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष करने पर विचार किया जाए।

इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि जालना में ऐसी 8 घटनाएं सामने आई हैं, जो वाकई चिंताजनक हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बच्चों का इस्तेमाल करने वाले गैंग के सरगनाओं को बख्शा नहीं जाएगा।

अपराधों को पनाह देने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस होंगे रद्द!

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में एक और बड़ा फैसला सुनाते हुए चेतावनी दी कि राज्य में जिन होटलों, पब, लॉज या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (Establishments) में बार-बार आपराधिक गतिविधियां पाई जाएंगी, उनके लाइसेंस सीधे रद्द कर दिए जाएंगे। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को कोई रियायत नहीं मिलेगी।