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Nagpur

अमरावती-परतवाडा हाईवे पर किसानों का चक्का जाम; संपूर्ण कर्जमाफी और फसल बीमा के लिए आसेगांव पूर्णा टी-पॉइंट पर जोरदार प्रदर्शन


अमरावती: अमरावती-परतवाडा राज्य मार्ग पर स्थित आसेगांव पूर्णा टी-पॉइंट पर आज किसानों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार 'रास्ता रोको' आंदोलन किया। लोकविकास संगठन के बैनर तले हुए इस आंदोलन का नेतृत्व प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल भालेराव ने किया, जिसमें आस-पास के ग्रामीण इलाकों से आए सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। किसान मुख्य रूप से संपूर्ण कर्जमाफी, फसल बीमा (पिकविमा) योजना का तत्काल लाभ देने और कृषि उपज (शेतीमाल) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) यानी हमीभाव की गारंटी देने की मांग कर रहे थे।

सड़क पर बैठे किसान, ठप हुई यातायात व्यवस्था
आंदोलन के दौरान आक्रोशित किसानों ने आसेगांव पूर्णा टी-पॉइंट पर बीच सड़क पर ही ढेरा (ठिय्या) डाल दिया। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यस्त राज्य मार्ग पर किसानों के इस अचानक चक्का जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही।

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पुलिस ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर कड़ा बंदोबस्त तैनात किया और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया जा सका।

मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन होगा और तेज
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गोपाल भालेराव और किसान नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि क्षेत्र का किसान इस वक्त गंभीर संकट से गुजर रहा है, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन ने इन मांगों पर तुरंत और ठोस फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में अमरावती जिले सहित पूरे विदर्भ क्षेत्र में इससे भी ज्यादा उग्र और तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।