logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Amravati

Amravati: जिले में पशुगणना की रफ्तार धीमी, अब तक 5.25 लाख पशुओं की गिनती दर्ज


अमरावती: जिले में 25 नवंबर से शुरू हुई 21वीं पशुगणना अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। जिले के कुल 2,283 गांवों में से 1,936 गांवों में पशुगणना पूरी हो गई है, जबकि 78 गांवों में यह अधूरी है। वहीं, 270 गांवों में अब भी गणना जारी है।

यह डिजिटल पशुगणना 28 फरवरी तक पूरी की जानी थी, लेकिन देरी के कारण प्रशासन को समय सीमा बढ़ानी पड़ी। जिला पशुसंवर्धन अधिकारी डॉ. कावरे ने जानकारी दी कि अब तक जिले में 5,25,151 पशुओं की गणना पूरी हो चुकी है। पोल्ट्री फार्मों में कुल 13,74,215 पक्षी हैं, जिनमें से 10,47,503 की गणना दर्ज हो चुकी है। 

प्रशासन इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रहा है। गणना प्रक्रिया में ग्रामीण क्षेत्रों में 180 प्रगणक और 48 निरीक्षक, जबकि शहरी क्षेत्रों में 55 प्रगणक और 16 निरीक्षक तैनात किए गए हैं। 

कुल मिलाकर 299 अधिकारी इस कार्य में जुटे हुए हैं। पशुगणना के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जो जीपीएस सिस्टम से जुड़ा हुआ है।

इसके माध्यम से अधिकारी गाय, भैंस, बैल, बकरी, भेड़, सूअर सहित 16 प्रजातियों के पशुओं का डेटा एकत्र कर रहे हैं। प्रशासन ने पशुपालकों से सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है ताकि गणना जल्द पूरी हो सके।