logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Amravati

Amravati: जिले में गहराया जल संकट, जल परियोजनाओं में तेजी से घट रहा जलस्तर


अमरावती: जिले में बीते वर्ष हुई अच्छी बारिश और लगातार जल प्रवाह के चलते जिले की बड़ी, मध्यम और लघु जल परियोजनाएं भरपूर जल संग्रहण से लबालब थीं। जिले की सबसे बड़ी परियोजना समेत सात मध्यम और 48 छोटी परियोजनाएं भर गई थीं, कई तो ओवरफ्लो तक हो रही थीं।

लेकिन अब गर्मी और वाष्पीकरण के कारण इन जल परियोजनाओं में पानी का स्तर तेजी से घटने लगा है। अप्रैल 2024 के अंतिम सप्ताह में जल संग्रहण का प्रतिशत जहां 46% था। वहीं इस वर्ष की तुलना में यह घटकर केवल 45.24% पर आ गया है। यह गिरावट मामूली दिख सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा और मानसून में देरी हुई, तो जिले के कई गांवों को भीषण जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।

जल विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार जल वाष्पीकरण, घरेलू उपयोग और कृषि संबंधी जरूरतों के चलते जल का भंडारण तेजी से घट रहा है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन को आपातकालीन जल प्रबंधन योजना तुरंत तैयार करनी चाहिए, ताकि मानसून के आगमन तक नागरिकों को जल संकट का सामना न करना पड़े।

विशेष रूप से ग्रामीण और अति दुर्गम क्षेत्र जहां वैकल्पिक जल स्रोत नहीं हैं, वहां स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। यदि आगामी दो महीनों तक बारिश नहीं हुई, तो टैंकरों से पानी की आपूर्ति करनी पड़ सकती है। जल संसाधन विभाग को लगातार जल परियोजनाओं की निगरानी करनी होगी और जल के उपयोग को नियंत्रित करने के उपाय तुरंत लागू करने होंगे। साथ ही, जल संरक्षण और जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को पानी के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करना होगा।