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बच्चू कडू को हाईकोर्ट से राहत, सजा पर लगी रोक, अपात्रता की सुनवाई हुई निरर्थक


अमरावती: जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष और पूर्व विधायक बच्चू कडू को मुंबई उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। नासिक जिला न्यायालय द्वारा सुनाई गई एक साल की सजा को लेकर उनके खिलाफ अयोग्यता की याचिका दायर की गई थी, जिसके आधार पर विभागीय सहनिबंधक ने उन्हें नोटिस जारी कर 18 मार्च तक जवाब देने का निर्देश दिया था।

हालांकि, बच्चू कडू ने मुंबई उच्च न्यायालय में अपील कर अपनी सजा पर स्टे प्राप्त कर लिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अपात्रता संबंधी सुनवाई निरर्थक हो गई है, जिससे विरोधी गुट को करारा झटका लगा है। दिलचस्प बात यह रही कि मंगलवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन विभागीय सहनिबंधक के अवकाश पर जाने के कारण सुनवाई टल गई।

इसी बीच हाईकोर्ट से आए फैसले ने बच्चू कडू को राहत दे दी। जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक में सत्ता संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। बबलू देशमुख गुट के संचालक हरीभाऊ मोहोड सहित 11 संचालकों ने बच्चू कडू को बैंक के संचालक पद से अयोग्य घोषित करने की याचिका दायर की थी।

याचिकाकर्ताओं ने नासिक जिला न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा को आधार बनाकर उनकी अयोग्यता की मांग की थी।हालांकि, बच्चू कडू ने मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपनी सजा पर रोक की मांग की थी।

सोमवार को सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने उनकी सजा पर स्थगनादेश दे दिया, जिससे अब अपात्रता की पूरी प्रक्रिया निरर्थक हो गई है। हाईकोर्ट के इस फैसले से बच्चू कडू को बड़ी राहत मिली है, जबकि विरोधियों को बड़ा झटका लगा है।