logo_banner
Breaking
  • ⁕ Yavatmal: ACB की बड़ी करवाई, रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में दो धारदार तलवारें लेकर दहशत फैलाने वाले शख्स को पुलिस ने दबोचा ⁕
  • ⁕ Gondia: उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के अस्थि कलश का गोंदिया में भावुक दर्शन, कोरणी घाट पर होगा अस्थि विसर्जन ⁕
  • ⁕ Bhandara:कांग्रेस को झटका, ओबीसी जिलाध्यक्ष शंकर राऊत ने भाजपा में किया प्रवेश ⁕
  • ⁕ Bhandara: किसानों का पटाखा फोड़ आंदोलन, धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग ⁕
  • ⁕ नई दिल्ली में दिवंगत अजित पवार की श्रद्धांजली सभा, सांसद प्रफुल्ल पटेल ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ में जल्दबाजी को लेकर दिया जवाब ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Amravati

Amravati: एक रात में बह गई फसलें, किसानों की पंचनामा कर मुआवजा देने की मांग


अमरावती: जिले में पिछले एक सप्ताह से जारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। बारिश के कारण नदी-नालों में आई बाढ़ में किनारे के खेतों की फसलें बह गई है। चांदुर बाज़ार, दरियापुर तहसील में सैकड़ों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है और खेत के में निरीक्षण के लिए किसी भी अधिकारी के आने से किसानों में रोष है। 

इस वर्ष कम बारिश में भी कई किसानों ने फसल लगाई। जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा थी, उन्होंने जोर-शोर से फसल की योजना बनाई। शुरुआत में, अल्प वर्षा ने शुष्क भूमि वाले किसानों को प्रभावित किया। 30 से 40 प्रतिशत बारिश होने से संतुष्ट होकर किसान भारी बारिश का इंतजार करने लगे। लेकिन इस साल भी कुदरत की मार पड़ी। 

पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश से किसानों को संतुष्टि हुई। लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों में आई बाढ़ में फसलें बह गईं। खेत में पानी जमा होने से फफूंद जनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। नुकसान की सूचना कृषि विभाग को दी गई। हालांकि, अभी तक कोई भी अधिकारी तटबंध पर क्षति का निरीक्षण करने नहीं आया है। इसलिए किसान नाराज हैं।