अमरावती में हड़कंप: रामपुरी कैंप के व्यस्त इलाके में घुसा तेंदुआ, बंद दुकान में छिपा; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
अमरावती: अमरावती शहर के बेहद व्यस्त और घनी आबादी वाले रामपुरी कैंप इलाके में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां एक तेंदुए के घुसने की खबर सामने आई। यह इलाका मुख्य शहर का हिस्सा है और जंगलों से काफी दूर है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, तेंदुए को एक पुरानी बिल्डिंग की बंद दुकान के भीतर जाते देखा गया है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग (फॉरेस्ट डिपार्टमेंट) और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और इलाके को घेरकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
भीड़ बेकाबू, मौके पर लाया गया पिंजरा
रामपुरी कैंप एक घनी आबादी वाला कमर्शियल और रिहायशी इलाका है। जैसे ही लोगों को पता चला कि तेंदुए ने एक बंद दुकान में शरण ली है, देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी संभावित हमले से बचाने के लिए पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को दूर हटाने का काम शुरू किया।
वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। बिल्डिंग की दुकानों के सामने मजबूत सेफ्टी नेट (सुरक्षा जाल) लगा दिया गया है ताकि तेंदुआ बाहर भागकर भीड़ पर हमला न कर सके। इसके साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए घटनास्थल पर एक विशेष पिंजरा भी मंगाया गया है।
जंगल नहीं तो शहर के बीच कैसे आया तेंदुआ?
रामपुरी कैंप के आसपास कोई घना जंगल नहीं है, इसलिए इस व्यस्त इलाके में तेंदुए की मौजूदगी ने वन अधिकारियों और नागरिकों को हैरान कर दिया है। हालांकि, जानकारों का अनुमान है कि रामपुरी कैंप से कुछ ही दूरी पर 'सरकारी विदर्भ ज्ञान और विज्ञान संस्थान' (VMV) का एक विशाल परिसर है। इसके ठीक बगल में 'डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय' (PDKV) के बड़े-बड़े खेत और झाड़ियों वाला इलाका है। माना जा रहा है कि तेंदुआ कृषि विश्वविद्यालय के खेतों के रास्ते भटकते हुए इस घनी बस्ती तक पहुंच गया।
3 साल पुराना वो खौफनाक मंजर आया याद
इस घटना ने अमरावती के लोगों को तीन साल पुरानी एक ऐसी ही खौफनाक घटना की याद दिला दी है। तीन साल पहले भी इसी परिसर (कृषि विश्वविद्यालय क्षेत्र) से एक तेंदुआ इंसानी बस्ती में घुस आया था। उस समय जब रेस्क्यू टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया था, तब तेंदुए ने छलांग लगाकर सीधे रेस्क्यू टीम पर ही हमला कर दिया था, जिसमें कुछ लोग घायल हुए थे। पुरानी घटना से सबक लेते हुए इस बार टीम बेहद सतर्कता बरत रही है।
वन विभाग की प्राथमिकता: तेंदुआ और जनता दोनों सुरक्षित रहें
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की रेस्क्यू टीम इस बात का पूरा ध्यान रख रही है कि ऑपरेशन के दौरान तेंदुए को कोई चोट न पहुंचे और न ही वह किसी नागरिक या टीम मेंबर पर हमला कर पाए। खबर लिखे जाने तक तेंदुए को पिंजरे में कैद करने की कोशिशें युद्ध स्तर पर जारी थीं और पूरे इलाके में तनावपूर्ण सन्नाटे के साथ कौतूहल का माहौल बना हुआ है।
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