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Bhandara

Bhandara: पानी की कमी के कारण धान की फसल बर्बाद! हताश किसान ने खड़ी फसल में लगाई आग


भंडारा: दिवाली से पहले भंडारा जिले के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मोहाड़ी तहसील के सलाई खुर्द गांव में पानी की कमी के कारण धान की फसल बर्बाद होने से हताश किसान विनोद राणे ने अपनी खड़ी फसल में आग लगा दी। किसान का कहना है कि फसल पर किए गए खर्च की भरपाई तक नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

इस साल भंडारा जिले में धान की खेती करने वाले किसान पानी की कमी से परेशान हैं। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण खेतों में धान की फसल सूख गई है और जमीन में दरारें पड़ गई हैं। कई किसानों के लिए स्थिति इतनी खराब हो गई है कि फसल से होने वाली संभावित कमाई की तुलना में कटाई और थ्रेसिंग का खर्च भी अधिक पड़ रहा है।

बावनथड़ी परियोजना का पानी खेतों तक नहीं पहुंचा

किसानों का आरोप है कि बावनथड़ी सिंचाई परियोजना के बावजूद उनके खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा। पानी की कमी के कारण धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसान अब प्रशासन से प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वेक्षण कराने और नुकसान का उचित आकलन करने की मांग कर रहे हैं।

50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग

प्रभावित किसानों ने सरकार से प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि धान बोनस, फसल बीमा और प्रोत्साहन राशि का इंतजार करते-करते उनकी फसल बर्बाद हो गई। ऐसे में दिवाली का त्योहार मनाना भी मुश्किल होता जा रहा है। किसानों का सवाल है कि जब सिंचाई परियोजनाएं मौजूद हैं, तो खेतों तक पानी क्यों नहीं पहुंच रहा? खेती पर लगातार बढ़ते खर्च और फसल खराब होने से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। अब किसानों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द प्रभावित खेतों का सर्वे कराए और नुकसान के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए, ताकि उन्हें इस संकट से उबरने में मदद मिल सके।