MPSC में भ्रष्टाचार और पेपर लीक के आरोपों पर नाना पटोले का सरकार पर हमला, बोले- युवाओं के भविष्य से हो रहा खिलवाड़
भंडारा: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और परीक्षाएं रद्द होने के मामलों को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि MPSC जैसी संवैधानिक रूप से स्वायत्त संस्था में राजनीतिक हस्तक्षेप हो रहा है और इसका खामियाजा राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
भंडारा में मीडिया से बातचीत के दौरान नाना पटोले ने कहा कि MPSC एक संवैधानिक संस्था है, लेकिन लगातार सामने आ रहे विवादों और विद्यार्थियों के दबाव के बाद केवल सचिव का तबादला किया गया। उन्होंने कहा कि सचिव को पद से हटाना इस बात का संकेत है कि आयोग की परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी हुई है। पटोले ने सरकार से पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए विद्यार्थियों से सार्वजनिक माफी मांगने और भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने की लिखित गारंटी देने की मांग की।
पटोले ने MPSC के मौजूदा अध्यक्ष की पृष्ठभूमि को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि अध्यक्ष पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निजी सचिव (PS) रह चुके हैं। इसी आधार पर उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप नाना पटोले द्वारा लगाए गए हैं और इनके समर्थन में स्वतंत्र रूप से कोई निष्कर्ष यहां प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
मतदाता सूची और SIR को लेकर भी चुनाव आयोग पर निशाना
नाना पटोले ने मतदाता सूची में कथित फेरबदल और SIR प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में कथित बदलावों का भी मुद्दा उठाया। पटोले ने दावा किया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी चोकलिंगम की ओर से भी इन बदलावों को लेकर आपत्तियां जताई गई थीं।
नाना पटोले ने की इस्तीफे की मांग
नाना पटोले ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
पटोले ने कहा कि एक तरफ MPSC की परीक्षाओं को लेकर युवा परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर जनता के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार और चुनाव आयोग को इन मामलों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
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