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Buldhana

Buldhana: नाना पटोले ने शिंदे-फडणवीस को दी चेतावनी, कहा- सरकार की दबंगई नहीं करेंगे बर्दाश्त


बुलढाणा: मूल्य वृद्धि और फसल बीमा को लेकर किसानों पर की गई लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस ने राज्य की शिंदे-फडणवीस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने पत्र जारी कर सरकार पर हमला बोला है। अपने इस पत्र में पटोले ने लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के निलंबन के साथ विधानमंडल की एक संयुक्त समिति के माध्यम से पूरे मामले की जांच करने की मांग की है। 

पटोले ने कहा, "भाजपा सरकार के दौरान खाद, बीज और डीजल के महंगे होने के कारण खेती करना मुनासिब नहीं है। इस वर्ष भी प्राकृतिक आपदाओं के कारण कृषि उत्पादों को नुकसान पहुंचा है। मुआवजे, कपास और सोयाबीन की मांगों को लेकर किसान बुलढाणा समाहरणालय के सामने धरना दे रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन पर बेरहमी से लाठीचार्ज कर दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल बोंद्रे और पूर्व मंत्री राजेंद्र शिंगणे को भी पुलिस ने उस वक्त रोक लिया जब वे प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने जा रहे थे।"

नहीं सहेंगे सरकार की दबंगई 

शिंदे-फडणवीस सरकार पर हमला बोलते हुए पटोले ने कई सवाल उठाए। पटोले ने लिखा, "क्या अपनी मांगों के लिए विरोध करना एक लोकतांत्रिक राज्य में अपराध है? लाठी चार्ज करने की क्या जरूरत थी?" प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "हम शिंदे-फडणवीस सरकार की इस दबंगई को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए और दोषी पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पटोले ने यह भी कहा है कि जब तक पुलिस की बर्बरता के दोषियों को सजा नहीं मिलती हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

किसान सिखाएंगे सबक 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी का किसान विरोधी चेहरा के बार फिर सामने आगया है। काले कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर लाखों किसानों ने एक साल तक दिल्ली की सीमा पर धरना दिया, लेकिन मोदी सरकार ने अमानवीय तरीके से विरोध को कुचलने की कोशिश की। इस आंदोलन में 700 किसान शहीद हुए थे। अंत में शिंदे-फडणवीस सरकार को याद रखना चाहिए कि अहंकारी मोदी सरकार को भी किसानों के निश्चय के आगे झुकना पड़ा।

ज्ञात हो कि, 11 फ़रवरी को किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने फसलों के भाव बढ़ाने सहित विविध मांगो को लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान किसान बेहद उग्र हो गए थे, जिन्हे संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा था। इसमें कई किसान घायल हो गए थे, वहीं पुलिस कर्मियों को भी चोंट आई थी। सभी को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया था।