logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर में बंद, खराब पुलिस चौकियों को मिलेगी नई ज़िंदगी! पुलिस प्रशासन का निर्णय ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Buldhana

Buldhana: 28 साल बाद पूरा होगा जीगांव परियोजना, राज्य सरकार ने 1710 करोड़ के प्रस्ताव को दी मंजूरी


बुलढाणा: जिले सहित पश्चिम विदर्भ के लिए महत्वपूर्ण जीगांव परियोजना को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने   1710 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी देदी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में आयोजित कैबिनेट में इस प्रत्सव को मंजूरी दे दी है। जिले नंदुरा तहसील में बने रहे इस परियोजना के पूरा होने से हजारों किसानो का फायदा होगा। 

जिगांव परियोजना, विदर्भ सिंचाई विकास निगम, नागपुर के तहत तापी बेसिन के पूर्णा उप-बेसिन में स्थित है, परियोजना का निर्माण पूर्णा नदी पर किया जा रहा है। इस परियोजना से बुलढाणा जिले के 6 तालुकों के 268 गांवों की 79 हजार 840 हेक्टेयर तथा अकोला जिले के 2 तहसीलों के 19 गांवों की 7 हजार 740 हेक्टेयर भूमि को 15 उपसा सिंचाई योजना से सिंचाई की जाएगी। इससे किसानों को काफी लाभ होगा और परियोजना को तीसरी संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति 2019 में दी गई। और अब एक बार फिर 1710 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय की स्वीकृति से इस परियोजना को अच्छी गति मिलेगी। 

735 करोड़ का प्रोजेक्ट 17, 500 करोड़ का हुआ

1994 में शुरू हुई इस परियोजना का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 2024 में इस प्रोजेक्ट में 350 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी इंटरसेप्ट करने की तैयारी चल रही है। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट की लागत 735 करोड़ रुपए थी। लेकिन कई दिक्कतों की वजह से हुई देरी की वजह से इसकी लागत 17 हजार 500 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.