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आत्मदाह करें पहुंचे रविकांत तुपकर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, हमला बोलते हुए कहा- यह बेशर्म सरकार


बुलढाणा: कपास और सोयाबीन के भाव को लेकर आत्मदाह करने पहुंचे स्वाभिमानी किसान संगठन के नेता रविकांत तुपकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने तुपकर ने पेट्रोल डालकर खुद को जलने का प्रयास किया। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। तुपकर ने जब यह किया तो उस समय उनकी पत्नी और माँ भी मौजूद रही। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए।  

ज्ञात हो कि, सोयाबीन और कपास को उचित मूल्य देने के लिए पिछले कई महीनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनकी विविध मांगो को लेकर राज्य सरकार और उनके बीच बैठक भी हो चुकी है। जिसमें राज्य सरकार ने उनकी कुछ मांगों को मान लिया था और बाकी जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बाद भी जब किसानों को फसल का भाव नहीं दिया तो तुपकर ने फिर से आंदोलन करना शुरू किया और 11 फ़रवरी को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्महदाह करने की चेतवानी दी थी। हालांकि, ऐलान के बाद से ही तुपकर भूमिगत हो गए थे। 

पुलिस की वर्दी पहनकर पहुंचे 

किए ऐलान के मुताबिक स्वाभिमानी किसान संगठन के कार्यकर्ता और किसान जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जमा हुए और प्रदर्शन शुरू किया। वहीं ऐलान के बाद से ही भूमिगत चल रहे तुपकर जिलाधिकारी कार्यालय स्थल पहुंचे। कोई पहचाने ना इसलिए उन्होंने पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी, साथ ही चेहरे पर मास्क भी लगाया हुआ था। जैसे ही वह आंदोलन स्थल पहुंचे पेट्रोल की बॉटल निकालकर खुद पर उड़ेल ली। तुपकर के यह कहते ही जिलाधिकारी कार्यालय के सामने हड़कंप मच गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया। 

सरकार को जनता की परवाह नहीं 

इस दौरान सरकार पर हमला बोलते हुए तुपकर ने कहा, "हमें गोली मारो, किसानों को गोली मारो। अगर तुम हमारी मांग नहीं मानते तो हमें मार डालो। यह कैसी सरकार है? इस सरकार को जनता की कोई परवाह नहीं है। किसानों से कुछ लेना देना नहीं है। इसलिए कपास और सोयाबीन किसानों को मझधार में छोड़ा जा रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, " इस सरकार को शर्म नहीं आती। यह बेशर्म सरकार है। यह सरकार किसान विरोधी है। किसानों को हवा में छोड़ दिया जाएगा। केवल सरकार ही घोषणा करती है।"