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खारघर हादसे में 50 लोगों की मौत, जिला अध्यक्ष राहुल बोंद्रे ने आरोप लगाते हुए कहा- सरकार छुपा रही आकड़ें


बुलढाणा: खारघर हादसे में हुई मौत को लेकर राज्य की सियासत गरमाई हुई है। कांग्रेस पार्टी ने इसको लेकर शिंदे-फडणवीस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस राज्य के हर जिले में पत्रकार वार्ता का आयोजन कर सरकार को घेर रही है। इसी को लेकर सोमवार को बुलढाणा में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान जिला अध्यक्ष राहुल बोंद्रे ने सरकार पर खारघर में हुई मौत हो लेकर बड़ा दावा किया है। बोंद्रे ने कहा कि, “इस हादसे में 50 लोगों की मौत हुई है, लेकिन सरकार असली आकड़ा छुपा रही है।”

बोंद्रे ने कहा, “राज्य सरकार इस हादसे की जिम्मेदारी श्रीसेवकों पर डाल रहे हैं। इस कार्यक्रम पर करीब 13 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। मंच पर नेताओं के साथ वीआइपी की तरह व्यवहार किया गया। एसी, कूलर सब कुछ था। लेकिन लाखों सेवकों के लिए साधारण शामियाने, पीने के पानी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?”

उन्होंने कहा, “कार्यक्रम चल ही रहा था कि कई सेवक गिर पड़े और मर गये, किसी को चक्कर आ गये। जब उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब भी नेताओं के भाषण जारी रहे, यह बेशर्मी की पराकाष्ठा है। इस सरकारी समारोह को राजभवन में आयोजित करने के बजाय गैर जिम्मेदाराना तरीके से खुले में आयोजित किया गया।”

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दें इस्तीफा 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “वहीं जब लोगों की मौत होने लगी तो वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान सैकड़ों सेवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। मूल रूप से शासकों ने कार्यक्रम का राजनीतिकरण किया। अब भी सरकार सही आंकड़े यह कहकर छुपा रही है कि 14 लोगों की मौत हुई है।  मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और पद से इस्तीफा देना चाहिए।”