logo_banner
Breaking
  • ⁕ Yavatmal: ACB की बड़ी करवाई, रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में दो धारदार तलवारें लेकर दहशत फैलाने वाले शख्स को पुलिस ने दबोचा ⁕
  • ⁕ Gondia: उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के अस्थि कलश का गोंदिया में भावुक दर्शन, कोरणी घाट पर होगा अस्थि विसर्जन ⁕
  • ⁕ Bhandara:कांग्रेस को झटका, ओबीसी जिलाध्यक्ष शंकर राऊत ने भाजपा में किया प्रवेश ⁕
  • ⁕ Bhandara: किसानों का पटाखा फोड़ आंदोलन, धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग ⁕
  • ⁕ नई दिल्ली में दिवंगत अजित पवार की श्रद्धांजली सभा, सांसद प्रफुल्ल पटेल ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ में जल्दबाजी को लेकर दिया जवाब ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Buldhana

रविकांत तुपकर को बड़ी राहत, कोर्ट से मिली जमानत, समर्थकों में खुशी


बुलढाणा: आज बुधवार को बुलढाणा कोर्ट ने किसान नेता रविकांत तुपकर को जमानत दे दी। जमानत मिलने की खबर सुनकर उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। पिछले 15 दिनों से रविकांत तुपकर को जमानत मिलने को लेकर कई तरह की चर्चाएं उठी थीं। 

कोर्ट ने सरकारी पक्ष और तुपकर का पक्ष सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद सुनवाई के लिए तारीख दी गई थी। किसानों के लिए विभिन्न आंदोलनों में तुपकर के खिलाफ दायर 21 मामलों में अदालत ने रविकांत तुपकर को जमीन दी थी। हालांकि, बुलढाणा पुलिस जमानत को रद्द करने की मांग को लेकर फिर से जिला अदालत पहुंची और याचिका दायर की। इस मामले की सुनवाई लगातार पांच बार स्थगित की गई। 

कोर्ट में लोकतंत्र में विरोध करना हर किसी का अधिकार है। रविकांत तुपकर के खिलाफ कोई आपराधिक आरोप नहीं हैं। इसके साथ ही मेधा पाटकर के आंदोलन का हवाला देते हुए वकील शरवरी तुपकर ने सरकारी वकीलों द्वारा उठाए गए मुद्दों का खंडन किया है. 

उन्होंने कहा कि हमें न्यायपालिका पर भरोसा है। लेकिन रविकांत तुपकर ने पहले ही अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त कर दिया था कि यदि परिणाम उनके खिलाफ गए और वापस जेल जाने की नौबत आई तो वे जेल से ही लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। लेकिन आज कोर्ट ने राहत देते हुए तुपकर को जमीन दे दी है।