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Buldhana

Buldhana: पूर्व विधायक चैनसुख संचेती और 18 अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज


बुलढाणा: नंदुरा शहर में शनिवार 4 मार्च को विभिन्न संगठनों की ओर से एक सामूहिक हिंदू विरोध रैली का आयोजन किया गया। इस मामले में नांदुरा थाने में पूर्व विधायक चैनसुख संचेती और 18 अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।  साथ ही बीती रात हुए पथराव मामले में 30 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।  इस घटना से नांदुरा में तनाव का माहौल है और पुलिस इस पर पैनी नजर बनाए हुए है। 

जिलाधिकारी ने बांबे पुलिस एक्ट 1951 की धारा 37(1) व धारा 37(3) के तहत जिले में आदेश जारी किया है।  जिले में यह आदेश लागू होने के दौरान मार्च के आयोजकों ने अवैध जमावड़ा कर लिया।लाउडस्पीकरों के साथ एक अनधिकृत हिंदू जन आक्रोश मार्च निकाला और आपत्तिजनक नारे लगाए और कुछ ने भड़काऊ भाषण देकर कर्फ्यू के आदेश का उल्लंघन किया। इस संबंध में नंदुरा पुलिस ने पूर्व विधायक चैनसुख संचेती सहित 18 अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ धारा 143 और मुंबई पुलिस अधिनियम के 135 के तहत मामला दर्ज किया है।

इस बीच कुछ समुदायों के युवकों ने मार्च में कुछ नारों पर आपत्ति जताई। नंदुरा थाने के सामने 200 से 300 लोगों ने कुछ देर के लिए धरना दिया। थानेदार अनिल बहरानी व उनके साथियों ने सब्र रखा और उन्हें वापस भेज दिया। लेकिन कुछ युवकों ने फिर से अवैध गिरोह को इकट्ठा किया और भीड़ को भड़का कर उनकी भावनाओं को भड़काया।आक्रोशित भीड़ हाथों में पत्थर, ईंट, लाठी-डंडे लेकर अन्य धर्मावलंबियों की बस्तियों की ओर कूच कर गई। 

इस बार उन्होंने पत्थर फेंके। नंदुरा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हमलावरों को तितर-बितर कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसने संभावित संघर्ष को टाल दिया। इस मामले में पुलिस की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके मुताबिक 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।