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Buldhana

बुलढाणा: एक तरफ समृद्धि का उद्घाटन, दूसरी तरफ प्रभावित किसान भूख हड़ताल पर बैठे


बुलढाणा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को समृद्धि राजमार्ग के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस ओर जहां मार्ग को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जारहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस राजमार्ग से प्रभावित किसानों भूख हड़ताल शुरू कर दी है। देउलगांवराजा तहसील के पलासखेड़ मलकदेव में किसान विविध मांगो को लेकर प्रदर्शन किया। 

भूख हड़ताल करने वालों ने इस मांग को लेकर अपना अनशन शुरू कर दिया है कि ठेकेदार ने कच्ची सड़क को हाईवे की दीवार के बगल में छोड़ दिया है और इसे पक्का किया जाना चाहिए और नाले पर पुल बनाया जाना चाहिए। इस दौरान हड़तालों कर रहे किसानो ने सिंदखेड़ाराजा के अनुमंडल पदाधिकारी भूषण अहिरे ने भी चर्चा की। लेकिन कोई हल नहीं निकलने पर किसानों ने समस्या का समाधान होने तक अनशन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

क्या है मुख्य समस्या?

देउलगांव राजा से छह किलोमीटर की दूरी पर समृद्धि हाईवे गुजर रहा है। इसका विदर्भ और मराठवाड़ा की सीमा पर एक इंटरचेंज है। उस इंटरचेंज के अलावा पलासखेड़ मलक देव के किसानों के खेत हैं। मुख्य सड़क बनने के बाद दोनों तरफ के किसानों की जमीन हाईवे में चली गई है। इन किसानों के खेतों में जाने के लिए नहर के नीचे पुरानी मालगाड़ी वाली सड़क हुआ करती थी। इस सड़क के डामरीकरण की मांग को लेकर विधायक राजेंद्र शिंगणे की पहल पर जिला व प्रदेश स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं। लेकिन कोई रास्ता नहीं था। 

पलासखेड़ मालकदेव शिवरा में कृषि भूमि की समृद्धि हाईवे से प्रभावित हुई है। बाकी खेत में आने-जाने के लिए दस फीट कच्ची सड़क छोड़ दी गई है। यह मानसून के दौरान खेतों से आने-जाने में बाधा उत्पन्न करता है। टोल रोड का निर्माण नहीं किया गया है। बरसात के दिनों में नदी का पानी आने से सड़क पर भी जलभराव हो जाता है। इसलिए किसानों का कहना है कि नालों और दस फीट की सड़कों का डामरीकरण करना या सभी सीमेंट की सड़कें बनाना बहुत जरूरी है।