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Buldhana

Buldhana: रविकांत तुपकर ने सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, कहा- मुझे मारने पुलिस को दी गई सुपारी


बुलढाणा: स्वाभिमानी किसान संगठन के नेता रविकांत तुपकर ने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, "किसानों पर लाठीचार्ज सुनियोजित थी। मुझे मारने की सुपारी पुलिसकर्मियों को दी गई थी। मंगलवार को तुपकर चिखली मार्ग स्थित अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता बुलाई थी। जहां बोलते हुए उन्होंने सरकार और पुलिस पर यह आरोप लगाए। इसी के साथ तुपकर ने यह भी कहा कि, "उनकी जान को खतरा है।" 

ज्ञात हो कि, तुपकर ने विविध मांगो को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आंदोलन किया था। इस दौरान तुपकर ने खुद पर डीजल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया था। इसके बाद पुलिस ने तुपकर सहित उनके 25 साथियों को गिरफ्तार किया था, जहां अदालत ने सभी को 14 दिन की न्यायिक जेल में भेज दिया था। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। 

तुपकर ने कहा, “11 फरवरी को हम जिला कार्यालय के सामने तीन घंटे तक शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों और कार्यकर्ताओं ने संयम बरतते हुए कानून व्यवस्था का सम्मान किया। हालांकि, पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया। किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को इस तरह कुचलने की कोशिश की गई, जैसे वह कोई आतंकवादी या नक्सली हो।”

राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए स्वाभिमानी नेता ने कहा, “यह लाठीमार सरकार और जिले के कुछ सत्ताधारी नेताओं की सोची समझी साजिश है। कुछ अधिकारियों को पुलिस के कंधे पर बंदूक रखकर मुझे खत्म करने का निर्देश दिया गया। ये बातें तब स्पष्ट हुईं जब मैं जेल से बाहर आया। उनकी हत्या के लिए कुछ सत्ताधारी नेताओं की साजिश थी। उनका जीवन अभी भी खतरे में है।”

दमन का हथियार उल्टा पड़ गया

तुपकर ने कहा, "सत्ता पक्ष और कुछ नेताओं ने सोचा था वैसा नहीं हुआ। उल्टे सरकार और प्रशासन के इस डंडे और अमानवीय अत्याचार ने उन पर उल्टा वार किया। किसान और आम नागरिक भी जान गए कि इसके पीछे कौन है, किसकी साजिश है। इसने लाखो किसानों को प्रज्वलित किया, वे अपनी मांगों के प्रति और अधिक जागरूक हुए, और उनमें आगे लड़ने का दृढ़ संकल्प पैदा किया। इसलिए हम उसके शुक्रगुजार हैं जिसने लाठीमार कराया।"

राज्यव्यापी पोल खोल यात्रा जल्द

राज्य सरकार को चुनौती देते हेउ तुपकर ने कहा, “किसान आंदोलन को कुचलने के लिए चाहे जितने प्रयास किए गए हों और उन्हें एक हजार बार भी जेल भेजा जाए। वह किसानों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। अगले महीने हम दो जिला और राज्यव्यापी संवाद यात्रा निकालेंगे और अधिकांश गांवों में पहुंचकर इस लाठीचार्ज के जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करेंगे। यह नियोजित यात्रा जिले के हर गांव तक पहुंचेगी।”