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Buldhana

मुख्यमंत्री शिंदे ने किया संत चोखोबाराई मंदिर का उद्घाटन, राज्य में संत विश्वविद्यालय स्थापित करने का किया ऐलान


बुलढाणा: सुप्रीम कोर्ट के मिली राहत के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शुक्रवार को बुलढाणा दौरे पर पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सैकड़ों लोगों अरु संतो के सामने इसरुल (चिखली) में संत चोखोबाराई मंदिर का उद्घाटन किया। इस दौरान भक्तो को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य में संतों और वारकरी परंपरा की समृद्ध विरासत है।" इस दौरान सीएम शिंदे ने इस गौरवशाली परंपरा को कायम रखने और संतों की वैचारिक विरासत को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रदेश में संत विश्वविद्यालय की स्थापना की अहम घोषणा की।

मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि, "आध्यात्मिक परंपरा का स्थान राजनीतिक और अन्य क्षेत्रों से ऊंचा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें सौभाग्य से पंढरपुर में आषाढ़ी एकादशी की पूजा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वारकरी संप्रदाय महाराष्ट्र का गहना है। हभप पुरुषोत्तम महाराज पाटिल के प्रयासों से चोखोबाराई का मंदिर साकार हुआ है और इस क्षेत्र को तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। यहां तक ​​कि हिंदू हृदय के सम्राट बालासाहेब ठाकरे और धर्मवीर आनंद दिघे भी वारकरी संप्रदाय के बहुत प्रिय थे। लाखों श्रद्धालु पैदल पंढरपुर जाते हैं। प्रेरणा उन्हीं से मिलती है। संत विचार को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए संत विद्यापीठ की स्थापना की जाएगी।"

मंदिर निर्माण में हर संभव का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा, “संतों के सानिध्य में रहने से शांति और संतोष मिलता है। वारकरी महाराष्ट्र का गहना है। इनकी संगति से जीवन का अंधकार दूर होता है। वारकरी संप्रदाय समाज में समानता बनाए रखने का काम करता है। तो उन्हें अच्छा काम करने के लिए प्यार, एनर्जी मिलती है। इनकी प्रेरणा से समाज के लिए प्रयास करने की शक्ति मिलती है। चोखोबारया का एक अच्छा मंदिर खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मंदिर के विकास के लिए हर संभव मदद की जाएगी।”