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दिव्यांग महिला के साथ बलात्कार मामले पर अदालत का ऐतिहासिक निर्णय, आजीवन कारावास


बुलढाणा: विकलांग महिला से बलात्कार करने वाले आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर. एन. मेहरे को मौत तक उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में पीड़िता की जवाब देने में असमर्थता, गवाहों के रूप में दो महिला रिश्तेदारों के दलबदल, विशेषज्ञ डॉक्टरों की गवाही, तेजी से सुनवाई, और अपराधियों को कठोर सजा इस मामले की विशेषता थी। 

यह जघन्य घटना पिछले 18 जुलाई 2021 को नीमगांव गुरु (देउलगांव राजा) में हुई थी। दिलीप संपत भालेराव ने मूक बधिर, विकलांग महिला के साथ बलात्कार किया था। देउलगांव राजा पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर. एन. मेहरे के सामने 11 गवाह पेश किए गए। 2 महिला रिश्तेदारों को बरी कर दिया गया, लेकिन न्यायाधीश ने विशेषज्ञ डॉक्टरों, जांच अधिकारियों की गवाही और विशेष लोक अभियोजक सोनाली सावजी-देशपांडे के प्रभावी तर्कों को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया। आरोपी को मौत तक कारावास में रहने के साथ 000 के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।