logo_banner
Breaking
  • ⁕ धानोरकर गुट का ‘ऑपरेशन गुटनेता’ सफल; सुरेंद्र अडबाले बने मनपा कांग्रेस के नए गुट नेता, राजेश अडूर की हुई छुट्टी ⁕
  • ⁕ Nagpur: धर्मांतरण के दबाव और शोषण का आरोप, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार ⁕
  • ⁕ Bhandara: वरठी में दीये की बत्ती से लकड़ी के पुराने घर में लगी आग; जान का नुकसान नहीं, घर में रखा सामान जला ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में एमडी ड्रग्स की बिक्री, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ बढ़ता जा रहा मानसून का इंताजर, उमस और गर्मी से नागरिक परेशान; विदर्भ में तापमान फिर 44 डिग्री के पार ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Buldhana

दिव्यांग महिला के साथ बलात्कार मामले पर अदालत का ऐतिहासिक निर्णय, आजीवन कारावास


बुलढाणा: विकलांग महिला से बलात्कार करने वाले आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर. एन. मेहरे को मौत तक उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में पीड़िता की जवाब देने में असमर्थता, गवाहों के रूप में दो महिला रिश्तेदारों के दलबदल, विशेषज्ञ डॉक्टरों की गवाही, तेजी से सुनवाई, और अपराधियों को कठोर सजा इस मामले की विशेषता थी। 

यह जघन्य घटना पिछले 18 जुलाई 2021 को नीमगांव गुरु (देउलगांव राजा) में हुई थी। दिलीप संपत भालेराव ने मूक बधिर, विकलांग महिला के साथ बलात्कार किया था। देउलगांव राजा पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर. एन. मेहरे के सामने 11 गवाह पेश किए गए। 2 महिला रिश्तेदारों को बरी कर दिया गया, लेकिन न्यायाधीश ने विशेषज्ञ डॉक्टरों, जांच अधिकारियों की गवाही और विशेष लोक अभियोजक सोनाली सावजी-देशपांडे के प्रभावी तर्कों को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया। आरोपी को मौत तक कारावास में रहने के साथ 000 के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।