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Buldhana

वन प्रबंधन में लोणार अभयारण्य देश में दसवें और राज्य में दूसरे स्थान पर


बुलढाणा: बुलढाणा जिले में ऐतिहासिक और जैव विविधता वाला लोणार वन्यजीव अभयारण्य राष्ट्रीय स्तर पर एक और प्रतिष्ठित सूची में शामिल हो गया है। देश के 438 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में लोनार दसवें स्थान पर और राज्य में दूसरे स्थान पर है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मार्गदर्शन में किए गए मूल्यांकन में लोणार अभयारण्य को 88.28 अंक मिले हैं, जो इसे 'अच्छे प्रबंधन' की सर्वोच्च श्रेणी में रखता है। विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा वर्ष 2020 से 2025 तक देश भर के विभिन्न राज्यों में संरक्षित वनों की सुविधाओं, संरक्षण उपायों, विकास कार्यों और प्रबंधन पर एक अध्ययन किया गया। समिति ने देश में संरक्षित वनों के प्रबंधन को चार समूहों में वर्गीकृत किया है, जिसमें लोनार 'अच्छे' समूह में आता है।

जैव विविधता से समृद्ध यह अभयारण्य विभिन्न प्रकार के प्राणियों का घर है, जिनमें तेंदुए, मोर, भेड़िये, साथ ही दुर्लभ पौधे और औषधीय वृक्ष भी शामिल हैं। यह दुनिया की एकमात्र खारे पानी की झील है जो बेसाल्ट चट्टानों से बनी है और इसे 'रामसर साइट' का दर्जा प्राप्त है। लोनार झील न केवल पर्यटन के दृष्टिकोण से, बल्कि अनुसंधान और पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।