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Buldhana

Buldhana: राज्य सूचना आयोग ने तलाठी पर ठोका 5 हजार का जुर्माना


शेगांव: शंकरपुर के कृषि भूमि से सबंधित कागजाद की मांग करने पर वह कागजाद नही मिलने पर शिकायतकर्ता ने सीधे राज्य सूचना आयोग से शिकायत की. उसके अनुसार राज्य सूचना आयोग ने शिकायत कर्ता की शिकायत को मंजूर कर खैरी के तत्कालिन तलाठी व जन सूचना अधिकारी पर पांच हजार रूपए का जुर्माना ठोका है. इस संदर्भ में तत्काल आदेश पारित किए है. 

इस संबंध में अपिलार्थी नागभीड के निवासी रामेश्वर भोयर ने वर्ष 2019 में चिमूर तहसिल के खैरी यहां के फेरफार आवेदन की सत्य प्रत व रजिस्ट्री कापी की प्रत सूचना अधिकारी के तहत मांगी थी. संबंधित आवेदन पर जन सूचना अधिकारी चिमूर ने संबंधित जानकारी नही दे सकते ऐसी ऐसा कहा. जिससे अपिलार्थी ने फरवरी 2020 में प्रथम जन सूचना अधिकारी तहसीलदार चिमूर के पास आवेदन दर्ज किया. उस आवेदन के आधार पर जन सुनवाई हुवी परंतु उन्हे जानकारी नही मिलने से अपिलार्थी ने राज्य सूचना आयोग समक्ष दूसरी अपील दायर की. 

इसपर राज्य सूचना आयोग ने संपूर्ण कागजाद नि:शुल्क दिए जाने व उन्हे शारिरीक व मानसिक कष्ट पहुचने से नुकसान मुआवजा के लिए पात्र साबित होने पर उन्हे 15 दिन के भीतर 5 हजार रूपए का नुकसान मुआवजा चेक द्वारा दिए जाने के आदेश दिए गए है. साथ ही प्रथम अपिलीय अधिकारी ने आवेदन प्राप्त के बाद 45 दिनों में सुनवाई नही लिए जाने बात आयोग के ध्यान में आनेपर उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यो ना करे इसका जवाब पेश करने के आदेश में कहा गया है. 

मामले को प्रस्तुत करने के आदेश में कहा गया है कि राज्य सूचना आयोग का आदेश 22 दिसंबर को प्राप्त हुआ है और लगभग एक माह बीत चुका है, इस एक माह में राज्य सूचना आयोग द्वारा दिये गये आदेश के अनुसार कोई दस्तावेज प्राप्त नहीं हुआ है. एवं राज्य सूचना आयोग ने मानसिक एवं शारीरिक कष्ट के कारण पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. अपीलार्थी रामेश्वर लहूजी भोयर ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि वह भी अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है.