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Buldhana

तुकाराम महाराज: धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर संजय राठोड ने दी प्रतिक्रिया, कहा- संतो पर सोच समझकर बोलना चाहिए


बुलढाणा: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के संत तुकाराम महाराज पर किए दावे को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई हुई है। भारतीय जनता पार्टी सहित तमाम विपक्षी दल उनपर हमलवार हैं और उनके दिए बयान को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वहीं अब इस मामले पर मंत्री संजय राठोड ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, "संतो पर सोच समझकर बोलना चाहिए।" बुलढाणा के दौरे पर पहुंचे राठोड ने पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही।  

राठोड ने कहा, "संतो के खिलाफ बोलने से पहले विचार करना चाहिए। संत तुकाराम हो या संत ज्ञानेश्वर महाराज इनको लेकर महाराष्ट्र में ही नहीं देश भर में माना और पूजा जाता है। इसलिए साधु-संतों पर बोलने से पहले हमें सोच समझकर बोलना चाहिए।"

क्या कहा था धीरेन्द्र शास्त्री ने?

ज्ञात हो कि, पिछले दिनों अपनी नागपुर की कथा में धीरेन्द्र शास्त्री ने बड़ा विवादित दावा किया था। शास्त्री ने कहा था कि, " संत तुकाराम महाराष्ट्र के महात्मा थे। उसकी पत्नी उसे रोज पीटती थी। आए दिन डंडे से पीटते हैं। किसी ने उससे पूछा कि क्या तुम अपनी पत्नी से रोज पीटते हो। शर्म नहीं आती। इस पर तुकाराम ने कहा, यह भगवान की कृपा है कि मुझे ऐसी पत्नी मिली जिसने मुझे पीटती है। तो वह व्यक्ति बोला, इसमें ईश्वर की क्या कृपा है? तब तुकाराम ने कहा, अगर मुझे मारने वाली पत्नी नहीं मिलती तो मुझे भगवान से प्यार नहीं होता। मैं भक्ति में लीन न होता। मुझे अपनी पत्नी से प्यार हो गया है। वह मुझे रोज मारती है जिसके कारण मुझे भगवान की सेवा करने का अवसर मिलता है।"

एनसीपी और कांग्रेस ने किया था जमकर विरोध

शास्त्री के इस बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस और एनसीपी ने उन पर हमला बोला था। एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने जहां बागेश्वर बाबा को जहां मिले वहीं मारने की धमकी दे दी थी। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने बयान को लेकर  पुलिस से मामला दर्ज करने की मांग की थी।