logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Buldhana

सावरकर को लेकर राहुल गांधी ने जो कहां वो सत्य है,सच बोलने से डरना नहीं चाहिए,सावरकर अंग्रेजों के वफ़ादार थे - तुषार गांधी


बुलढाणा: सावरकर को लेकर राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक भूचाल आ गया है.इस बीच बुलढाणा में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने राहुल गांधी की टिप्पणी का समर्थन किया है और कहा है जो सत्य है उसे सत्य मानना चाहिए। तुषार गांधी ने कहा जो सत्य है राहुल गांधी ने वही कहा है.सावरकर ने अंग्रेजो की मदत की थी,माफ़ी मांगी थी और पेंशन ली थी.इसको बोलने में कोई झिझक नहीं अगर सत्य बोलने से बचा जाये तो यह सत्य के साथ दग़ाबाजी होगी। मुझे स्वातंत्रवीर सावरकर नहीं मालूम मुझे सिर्फ सावरकर पता है यह भी तुषार गांधी ने कहां,सावरकर एक समय क्रांतिकारी थे लेकिन बाद में उन्होंने अंग्रेजों से हांथ मिला लिया और उसके बाद साराजीवन उन्होंने अंग्रेजों के लिए वफ़ादारी दिखाई। ऐसा कहने में कोई चूक नहीं है और सत्य कहने की हिम्मत होनी चाहिए। जिन्हे सत्य मालूम है और वह उसे नहीं बोल रहे है एक प्रकार से यह सत्य के साथ के साथ निष्ठा नहीं होने जैसा है.