logo_banner
Breaking
  • ⁕ पुलिस भर्ती की प्रक्रिया आज से हुई शुरू, 130 पदों के लिए 71,148 उम्मीदवारों ने किया आवेदन ⁕
  • ⁕ 23 फरवरी से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र, 6 मार्च को पेश होगा बजट; 25 मार्च तक चलेगा विधानमंडल का सत्र ⁕
  • ⁕ निम्न पैनगंगा प्रकल्प: यवतमाल जिलाधिकारी के खिलाफ भड़का जनआक्रोश; ग्रामसभा के विरोध के बावजूद ब्लास्टिंग की अनुमति देने का आरोप ⁕
  • ⁕ Nagpur: कोराडी में 15 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या, घर में फांसी लगाकर दी जान ⁕
  • ⁕ Bhandara: सेतु केंद्र का संचालक 11 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, असली दस्तावेज लौटाने के लिए मांगे थे पैसे ⁕
  • ⁕ रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! नागपुर से मुंबई और पुणे के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; अकोला के यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा ⁕
  • ⁕ Nagpur: यशोधरानगर में ऑटो वर्कशॉप में हुई चोरी, 3.40 लाख का सामान गायब, पुलिस कर रही खोजबीन ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
National

भारत ने एक साल में 100 बिलियन डॉलर से अधिक के रेमिटेंस किए प्राप्त: रिपोर्ट


नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में विदेश में बसने वाले भारतीयों ने 111 अरब डॉलर की राशि भारत वापस भेजी. इतना ही नहीं भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसमें एक साल में 100 अरब डॉलर से अधिक का रेमिटेंस हासिल किया है.

रिमिटेंस एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें विदेशी नागरिक या भारतीय विदेश में काम करने वाले लोग अपने देश में परिवार और संबंधियों को धन भेजते हैं. यह एक महत्वपूर्ण स्रोत है जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ होता है और जिससे गरीबी को कम किया जा सकता है.

यह साबित करता है कि विदेश में काम करने वाले भारतीय लोग अपने परिवारों का पालन-पोषण करने के लिए कितने समर्थ हैं. इसके साथ ही, यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक प्रमुख योगदानकर्ता हैं.

रेमिटेंस के माध्यम से भेजे गए धन का उपयोग प्राथमिक खर्च में किया जाता है, जैसे कि खाद्य, वस्त्र और शिक्षा. इससे सामाजिक और आर्थिक रूप से भी देश को लाभ होता है.

इस सफलता के लिए भारत सरकार के और भी प्रयासों की आवश्यकता है, जिससे कि रेमिटेंस का सही तरीके से उपयोग हो सके और देश को और भी बेहतर भविष्य मिल सके.