logo_banner
Breaking
  • ⁕ वर्धमान नगर- डिप्टी सिग्नल "बहरीन बाई सोनबोइर" फ्लाईओवर जनता को समर्पित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ Gondia: सखी वन स्टॉप सेंटर की तत्परता: बिहार और भुसावल की दो लापता महिलाएं सकुशल पहुंचीं घर ⁕
  • ⁕ Chandrapur: ड्रग्स मुक्त बनाने की ओर बड़ा कदम: पुलिस ने नष्ट किया 66 लाख रुपये का मादक पदार्थ ⁕
  • ⁕ Nagpur: कोथुलना के पास लहसुन से भरा ट्रक पलटा, दो गंभीर रूप से घायल; स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग ⁕
  • ⁕ Nagpur: आर्थिक अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई: अरोली की सरपंच रोशनी भुरे अपात्र घोषित, अपर आयुक्त का फैसला ⁕
  • ⁕ Bhandara: तुमसर में सफाई कर्मचारियों ने मुख्याधिकारी की गाड़ी घेरी, आमरण अनशन शुरू ⁕
  • ⁕ रिश्ते शर्मसार: मां दूध लेने गई बाहर, कलयुगी पिता ने अकेली नाबालिग बेटी से की अश्लील हरकत; विरोध करने पर पीटा, गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Bhandara

Bhandara: एमएटी न्यायालय ने पुलिस पाटिल भर्ती की रद्द, अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत


भंडारा: भंडारा उपखंड में पुलिस पाटिल की भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं पर न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। 16 मार्च 2023 को हुई इस भर्ती प्रक्रिया में जिन अभ्यर्थियों को परेशानी हुई थी, उन्होंने एमएटी न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अब न्यायालय ने इस भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है और पीड़ित अभ्यर्थियों को राहत प्रदान की है। 

भंडारा उपखंड के 49 गांवों के लिए 16 मार्च 2023 को पुलिस पाटिल पद पर भर्ती की घोषणा की गई थी। लेकिन अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। जांच के बाद उपविभागीय अधिकारी और तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और चयनित पुलिस पाटिलों को 4 जुलाई 2023 को कार्यमुक्त कर दिया गया।

इस प्रक्रिया में उच्च अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की अनदेखी कर मौखिक परीक्षा में मनमाने अंक देकर 30 अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया गया था। कुछ अभ्यर्थियों ने वित्तीय लेन-देन का संदेह व्यक्त करते हुए नागपुर पीठ में याचिका दायर की थी। मामला एमएटी न्यायालय में स्थानांतरित होने के बाद, गहन सुनवाई हुई। एमएटी न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में वित्तीय लेन-देन और पक्षपात की बात स्वीकार की और पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का आदेश दिया। यह निर्णय पीड़ित अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।