Chandrapur: रिश्वत मामले की जाँच को लेकर मनपा कार्यालय पहुंची एसीबी की टीम
चंद्रपुर: अवैध निर्माण पर कार्रवाई न करने के बदले तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले की कड़ियां जोड़ने के लिये अँटी करप्शन ब्युरो (एसीबी) की टीम ने अब सीधे चंद्रपूर शहर महानगरपालिका पहुंच गई है । बुधवार को एसीबी की टीम ने मनपा कार्यालय में करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की। इस अचानक हुई कार्रवाई से मनपा अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और पूरे दिन इसी विषय पर चर्चा होती रही।
भंगाराम वार्ड के एक कबाड़ व्यवसायी के अतिक्रमण पर कार्रवाई न करने के बदले मनपा के स्थापत्य अभियंता शुभम नंदकिशोर वरघट और उसके निजी सहायक दिनेश दिलीप समद्दर ने तीन लाख रुपये की मांग की थी। इस सौदे में से 1 लाख 30 हजार रुपये स्वीकार करते समय एसीबी ने दोनों आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
हालांकि, यह रिश्वत केवल इन दोनों तक सीमित थी या इसमें मनपा के अन्य कोई इसमे शामिल हैं, इस आशंका के मद्देनज़र एसीबी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए मनपा कार्यालय में कार्रवाई की। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस जांच के दौरान मनपा परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।
पेमेंट स्लिप और जॉइनिंग ऑर्डर जब्त
एसीबी की टीम ने शुभम वरघट से जुड़े सभी अहम दस्तावेज खंगाले। जिस फाइल के आधार पर रिश्वत की मांग की गई थी, उसका पूरा मूवमेंट बारीकी से जांचा गया। जांच के तहत वरघट की जॉइनिंग ऑर्डर, अब तक की पेमेंट स्लिप्स और अन्य सेवा संबंधी कागजात एसीबी ने अपने कब्जे में ले लिए हैं।
इस बीच यह भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि वरघट का साथी दिनेश समद्दर के खिलाफ पहले से ही वसुली के कई मामले दर्ज है। एसीबी इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद मनपा प्रशासन में खलबली मची हुई है और आने वाले दिनों में जांच के और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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