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Nagpur

बुकी सोंटू जैन को मिली अंतरिम जमानत, क्राइम ब्रांच ने 10 घंटे तक की पूछताछ


नागपुर: ऑनलाइन गेम में पैसे लगाकर अनाज व्यापारी से 58 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले  इंटरनेशनल बुकि अनंत उर्फ सोंटू जैन को राहत मिली है। अदालत ने जैन को अंतरिम जनमत दे दी है। हालांकि, उसे शर्तो के साथ यह बेल मिली है। जिसके तहत उसे रोजाना क्राइम ब्रांच के कार्यालय में हाजिरी लगनी होगी। शुक्रवार को इसी के तहत सोंटू जैन क्राइम ब्रांच के ऑफिस में दोपहर के समय पहुंचा था। क्राइम ब्रांच पुलिस ने इस दौरान उससे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। सोंटू जैन से पुलिस ने करीब 56 सवाल पूछे थे परंतु उसने पुलिस के किसी भी सवाल का संतोष जनक जवाब नहीं दिया।सोंटू जैन द्वारा पूछताछ में सहयोग नहीं किए जाने से अब पुलिस भी पेसोपेश  में है।

पुलिस ने 21 जुलाई को नागपुर में सोंटू जैन के खिलाफ धोखाधड़ी आपराधिक, षडयंत्र और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने गोंदिया स्थित उसके घर में भी दबिश दी परंतु पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही वह दुबई भाग गया था। उसे पकड़ने के लिए हालांकि पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया और उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया आरंभ की थी। सत्र न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत नहीं दिए जाने पर सोंटू जैन ने हाई कोर्ट की शरण ली। 

हाई कोर्ट ने उसे क्राइम ब्रांच के ऑफिस में हाजिरी लगाए जाने की शर्त पर अंतरिम जमानत दी। इस आदेश के बाद ही 8 सितंबर को पूछताछ के लिए वह क्राइम ब्रांच के ऑफिस में पेश हुआ था।सोंटू जैन दुबई से लौट कर शुक्रवार को ही नागपुर पहुंचा और क्राइम ब्रांच के गिट्टीखदान स्थित कार्यालय में अपनी हाजिरी लगाई।सोंटू जैन अब 10 सितंबर को दोबारा हाजिरी लगाने के लिए क्राइम ब्रांच के ऑफिस  में आने वाला है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी सुदर्शन मुमक्का की अगवाई में उसे ऑनलाइन बैटिंग और प्रकरण से संबंधित 56 सवाल किए गए।हालांकि इस दौरान पुलिस द्वारा पूछे गए हर सवाल का गोल-मोल जवाब दिया। उसने बैटिंग एप द्वारा ठगी को अंजाम दिया है। यह एप्प दुबई के एक सॉफ्टवेयर विशेषज्ञ की मदद से बनाए जाने की जानकारी है। इस एप्प में इस तरह से प्रबंध किया गया था कि बैटिंग लगाने वाला अधिकांश बाजी हार जाता था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आ चुकी है। हालांकि पुलिस द्वारा पूछे गए सवालों को रिकॉर्ड किया जा रहा है इसके आधार पर ही उसकी अंतिम जमानत  को रद्द करवाने में उसे मदद होने वाली है।