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Nagpur

लोकनिर्माण विभाग पर था करोड़ो रूपये का बकाया, आर्थिक तंगी से परेशान होकर कांट्रेक्टर ने की आत्महत्या


नागपुर: राज्य में ठेकेदारों का बकाया एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है। पिछले कई समय से राज्य के सभी सिविल कांट्रेक्टर बकाया राशि जारी करने की मांग कर हैं। इसी बीच सोमवार को नागपुर शहर में एक दुखद घटना घटी। जहां लोकनिर्माण विभाग के ठेकेदार, पी.वी. वर्मा उर्फ़ मुन्ना वर्मा ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर अपने राजनगर स्थित फ्लैट में आत्महत्या कर ली।

शुरुआती जाँच से पता चला है कि वर्मा पर लोक निर्माण विभाग (PWD) का करोड़ों रुपये बकाया था, जिसकी वजह से वे लंबे समय से वित्तीय संकट का सामना कर रहे थे। ठेकेदार के आत्महत्या से शहर में हड़कंप मच गया है। वहीं घटना ने एक बार फिर सिविल कॉन्ट्रैक्टरों के बकाये के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। 

मिली जानकारी के अनुसार, वर्मा लोकनिर्माण विभाग के बड़े ठेकेदारों में से एक है। 
नागपुर, गोंदिया सहित विभिन्न जिलों में उनका काम चलता है। इसी के साथ वह नागपुर मनपा हॉटमिक्स प्लांट के भी काम लेकर करते रहे हैं। वह राज नगर स्थित फ्लैट में एकेले रहते थे, वहीं परिवार हैदराबाद में रहते हैं। 
वर्मा का लोकनिर्माण विभाग पर करीब 30-40 करोड़ रूपये बकाया था। जिसको लेकर वह काफी परेशान रहते थे। लगातार राशि जारी करने की मांग वह पीडब्लूडी प्रशासन से कर रहे थे, लेकिन पैसे जारी नहीं होने के कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। 

शुरआती जानकारी के अनुसार, अर्थी तंगी से परेशान होकर सोमवार सुबह साढ़े छह बजे वर्मा ने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब घर का नौकर पहुंचा तो वर्मा अपने कमरे में पंखे से लटके दिखाई दिए। नौकर ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को निचे उतारा। 

पीडब्लूडी ठेकेदार द्वारा आत्महत्या करने की खबर से हड़कंप मच गया है। वहीं राज्य में ठेकेदारों के बकाया का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं वर्मा के परिवार को भी घटना की जानकारी दे दी है, इसके बाद सभी नागपुर के लिए निकल चुके हैं। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जाँच शुरू का दी है।