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Yavatmal

यवतमाल की मारेगाव तहसील में 48 घंटे के भीतर तीन किसानों ने की आत्महत्या


यवतमाल- अतिवृष्टि के कारण विदर्भ में किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला फिर एक बार तेज होता दिखाई दे रहा है.अमरावती विभाग में स्थिति और ज्यादा भयावह होती जा रही है.विदर्भ में किसान आत्महत्या के लिए यवतमाल जिला कुख़्यात है.जिले के मारेगाव तहसील में महज कुछ घंटों के भीतर तीन किसानों ने आत्महत्या कर ली है.बीते 48 घंटों में यहाँ तीन किसानों ने मौत को गले लगा लिया है.
हालही में विदर्भ में हुई अतिवृष्टि के चलते फंसलो को नुकसान हुआ है.खेती में लगाई गई लागत के भी न निकलने के चलते किसान हताश और परेशान हो चुके है.तहसील के दांडगाव में जहर पीकर तोताराम अंगत चिंचुलकर नामक किसान ने आत्महत्या कर ली है.तोताराम के पास 23 एकड़ खेती है.अतिवृष्टि की वजह से 10 एकड़ खेती पूरी तरह से बर्बाद हो गई.किसान की आत्महत्या के बाद उसके परिजनों ने बताया की तोताराम ने खेती के लिए बैंक से कर्ज ले रखा था.फ़सल बर्बाद हो जाने के बाद उसके सामने बैंक के पैसे चुकाने का संकट निर्माण हो गया था.जिस वजह से वह तनाव में था.तोताराम ने अपने घर में ही सुबह के समय मोनोकॉल नामक कीटनाशक पीकर उसने मौत को गले लगा लिया। उसे इलाज के लिए चंद्रपुर ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया।तोताराम के जाने के बाद उसके परिवार में माता-पिता,पत्नी और दो बच्चियाँ है.
तहसील में ही एक अन्य घटना दो घटनाओं में किसानों ने आत्महत्या की है.