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Nagpur

2006 Mumbai Blast: उच्च न्यायालय ने सभी आरोपियों को किया दोष मुक्त, तीन नागपुर की जेल में बंद


नागपुर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मुंबई लोकल ट्रेन विस्फोट मामले में सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। न्यायमूर्ति किलोर और न्यायमूर्ति एस.एम. चांडक की विशेष पीठ ने सबूतों के आभाव और सरकारी वकील द्वारा जो युक्तिवाद की उसमें तथ्य नहीं होने की बात करते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। मुंबई सीरियल बम विस्फोट मामले में दोषी करार दिए हुए 12 आरोपियों में से तीन आरोपी नागपुर जेल में बंद हैं। 

ज्ञात हो कि, 11 जुलाई 2006 को, मुंबई में मात्र 11 मिनट में सात विस्फोट हुए थे। इस भीषण आतंकवादी हमले में 189 निर्दोष नागरिक मारे गए थे और 800 से ज़्यादा घायल हुए थे। इसे 1993 के बम विस्फोटों के बाद मुंबई शहर पर हुआ सबसे बड़ा आतंकवादी हमला माना जाता है। 2015 में, एक विशेष अदालत ने इस मामले में 12 आरोपियों को दोषी ठहराया था और उनमें से पाँच को मौत की सज़ा और शेष सात को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी। सरकार ने मृत्युदंड की अंतिम मंज़ूरी के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। हालाँकि, अब हाईकोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया है क्योंकि उसे पेश किए गए सबूतों पर पर्याप्त भरोसा नहीं था।

क्या कहा अदालत ने? 

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि, "बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामले में अहम फैसला सुनाते हुए सभी दोषियों को बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष किसी भी आरोपी के खिलाफ अपराध को ‘उचित संदेह से परे’ सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा। गवाहों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे। कुछ गवाह पेशेवर साबित हुए जो कई मामलों में गवाही दे चुके थे। एक गवाह, जिसने आरोपियों को बम बनाते देखने का दावा किया था, वह 100 दिन तक चुप रहा और शुरुआत में खुद एक संदिग्ध था।"

उन्होंने आगे कहा, "अभियुक्तों की स्वीकारोक्तियाँ प्रताड़ना से ली गईं थीं, जिसे अदालत ने भी स्वीकार किया। जब्त की गई वस्तुएं जैसे नक्शे, सीपीयू और किताबें भी इस अपराध से सीधे जुड़ी नहीं थीं। साथ ही, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को जानबूझकर नहीं पेश किया गया, जिस पर कोर्ट ने प्रतिकूल टिप्पणी की। इन तमाम कारणों के आधार पर अदालत ने माना कि दोषसिद्धि टिकाऊ नहीं है और सभी आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया गया। इनमें से तीन निर्दोष अब भी नागपुर जेल में बंद हैं।"

आरोपी अमरावती और नागपुर जेल में बंद 

मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट में दोषी पाए गए सभी आरोपियों को राज्य के विभिन्न जेलों में बंद रखा गया है। जहां वह अपनी सजा काट रहे हैं। नागपुर जेल में तीन दोषियों को रखा गया है, जिनकी पहचान कैदी नंबर C/9168 एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी, C/9169 नावेद हुसैन राशिद हुसैन खान और C/9171 मोहम्मद अली आलम शेर शेख है।