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Akola

Akola: अकोट के जवलखेड में काले हिरण की शिकार करते रंगेहाथ पकड़ा गया आरोपी, मांस पकाते वक्त हुई कार्रवाई


अकोला: वन्य जीवों के शिकार पर सख्त प्रतिबंध होने के बावजूद अकोट तहसील के जवळखेड गांव में एक काले हिरण की शिकार कर उसका मांस पकाते समय एक आरोपी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई अकोला प्रादेशिक वन विभाग की टीम ने की है। हैरानी की बात यह रही कि शिकार अकोट वन परिक्षेत्र में हुआ, लेकिन स्थानीय वन विभाग को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी।

20 जुलाई को अकोला प्रादेशिक वन विभाग को गुप्त और गोपनीय सूचना मिली कि अकोट क्षेत्र में वन्य प्राणी की शिकार की गई है। सूचना की पुष्टि के बाद, भारतीय वन अधिनियम 1927 और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों ने मौजा जवळखेड और कुटासा गांवों में छापेमारी की।

इस दौरान दिगंबर जनकीराम घारे (रा. कुटासा) को उसके घर में काले हिरण का मांस पकाते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। आरोपी के पास से करीब आधा किलो हिरण का मांस बरामद किया गया है। साथ ही, अंकुश गणेश इंदौरे और गणेश दयाराम इंदौरे  के घरों की भी तलाशी ली गई।

यह कार्रवाई उपवनसंरक्षक सुमंत सोलंके और सहायक वन संरक्षक नम्रता ताले के मार्गदर्शन में वनपरिक्षेत्र अधिकारी वी. आर. थोरात के नेतृत्व में की गई। छापेमारी दल में पी. ए. तुरुक, वनरक्षक अतिक हुसेन, सुभाष काटे, सोपान रेळे और तुषार आवारे शामिल थे। वन विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि यह शिकार कितने लोगों की मिलीभगत से हुआ और क्या इससे जुड़ा कोई बड़ा शिकार रैकेट सक्रिय है।